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Chhattisgarh
Raipur Raipur दुर्ग. वाणिज्यिक कर विभाग ने दुर्ग के एक खाद्य तेल व्यवसायी के खिलाफ 10 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी का मामला दर्ज किया है। गंजपारा स्थित जय आनंद ट्रेडर्स के संचालक ने 4 प्रतिशत टैक्स बचाने के लिए तेल को स्थानीय बाजार में ही खपा दिया।
नागपुर से तेल मंगाकर उसे उड़ीसा भेजना था। टैक्स में चार प्रतिशत छूट का लाभ लेने के लिए व्यापारी ने तेल को दुर्ग के बाजार में बेच दिया। मुरली एग्रो प्रोडक्ट लिमि. वर्धमान नगर, नागपुर से खरीदे जा रहे तेल को चिचोला चेक पोस्ट पर उड़ीसा का डिक्लेरेशन (फार्म 59) दिखाकर निकाला जाता था। तेल को स्थानीय बाजार में बेचने से व्यापारी को प्रति टिन 40 रुपए का लाभ हो रहा था। उसका सस्ता तेल बाजार में बहुत जल्दी बिक जाता था।
रेट में अंतर के कारण शहर के दूसरे व्यापारियों का माल जाम होने लगा तो उन्होंने कामर्शियल टैक्स के डिप्टी कमिश्नर आरके मेश्राम से शिकायत की। छानबीन में विभाग को पता चला कि एक अप्रैल 2005 से लेकर 19 मार्च 2009 के बीच 87 करोड़ 37 लाख 4 हजार रुपए का खाद्य तेल उड़ीसा भेजने के बजाए लोकल मार्केट में ही खपा दिया गया। जांच के बाद विभाग ने जय आनंद ट्रेडर्स पर पेनाल्टी समेत 9 करोड़ 95 लाख 65 हजार रुपए टैक्स लगाया गया है।
कर विशेषज्ञों का कहना है कि चिचोला और सराईपाली चेकपोस्ट के बीच आउट टु आउट गुड्स की पुख्ता मानीटरिंग नहीं होने टैक्स चोर जमकर लाभ उठा रहे हैं। होना ये चाहिए था कि उड़ीसा के लिए ट्रक के चिचोला से रवाना होते ही सराईपाली चेकपोस्ट को सूचना दी जाती। यदि 24 घंटे के अंदर ट्रक सराईपाली नहीं पहुंचता तो उसकी जांच होनी चाहिए थी। ऐसा कुछ नहीं हुआ। कई बार महाराष्ट्र से आने वाले ट्रक राजनांदगांव से लेकर महासमुंद के बीच कहीं भी माल उतारकर उसकी जगह दूसरा माल भरकर उड़ीसा चले जाते हैं। इस तरह शासन को दोहरी चपत लगती है।