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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़लैंड ग्रैबिंग करने वालों की मदद करने के आरोपों में फंसे मुल्लांपुर के एसएचओ कश्मीरा सिंह के सस्पेंशन ऑर्डर पर पंजाब पुलिस के आला अधिकारियों के बीच असहमति बनती देख डीजीपी पंजाब एनपीएस औलख ने आदेश वापस ले लिए हैं।
एसएचओ के खिलाफ आई शिकायत पर डीजीपी ने उसे तुरंत सस्पेंड करने के आदेश दिए थे, इस आदेश पर एसएसपी मोहाली गुरदर्शन सिंह खटड़ा ने एतराज जताते हुए एसएचओ को निर्दोष बताया था। इतना ही नहीं डीजीपी पर आरोपी एसएचओ को बहाल करने के लिए दबाव भी बनाया जा रहा था।
आखिरकार बुधावार देर शाम डीजीपी ने अपने सस्पेंशन ऑर्डर खारिज कर एसएचओ को बहाल कर उसका तबादला जालंधर रेंज कर दिया। नए आदेशों में अब एसएचओ पर लगे संगीन आरोपों की जांच एक आईपीएस अधिकारी से ही करवाने को कहा गया है।
क्या था मामला
चंडीगढ़ के निवासी बलविंदर सिंह ने डीजीपी को शिकायत की थी कि मुल्लांपुर गरीबदास में करीब दो दर्जन लोगों ने उसकी जमीन पर कब्जा कर गेहूं की फसल को काटना शुरू कर दिया था। बलविंदर ने इनके खिलाफ कार्रवाई करने की शिकायत की थी, लेकिन इस मामले कोई कार्रवाई न होते देख बलविंदर ने डीजीपी को सारे मामले की जानकारी दी। उस शिकायत के आधार पर मुल्लांपुर चौकी के इंचार्ज कश्मीरा सिंह को सस्पेंड करने के ऑर्डर दे दिए गए। इस मामले ने इतना तूल पकड़ लिया कि एसएसपी और डीजीपी आमने-सामने हो गए।
पुराना नाता एसएचओ मुल्लांपुर कश्मीरा सिंह एसएसपी खटड़ा के रीडर रह चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक खटड़ा बादल परिवार के नजदीकी हैं। कांग्रेस के सत्ता में रहने के दौरान साइडलाइन रहे खटड़ा का वक्त बदला अकाली-भाजपा सरकार बनने के बाद। प्रकाश सिंह बादल के सीएम के रूप में ताजपोशी के कुछ ही दिनों बाद खटड़ा को मोहाली एसएसपी की जिम्मेदारी सौंपी गई। मोहाली जिला बनने के बाद खटड़ा उसके तीसरे एसएसपी हैं।