HomeNewsPunjabJalandhar Jalandhar

जल सरंक्षण के कारवां को सलाम

जालंधर.अकेले ही चले थे जानिबे मंजिल, लोग मिलते गए और कारवां बनता गया। कुछ इसी तर्ज पर दैनिक भास्कर का जल सत्याग्रह चला, जिसे कारवां बनाया आपके सहयोग ने। इसमें अवेयरनैस और लगातार जारी रखने के लिए उठाई गई कसमें। साथ ही स्टूडैंट्स, पेरैंट्स व टीचर्स ने लिया पानी बचाने का प्रण। इसी अभियान के तहत मंगलवार को जल रिपोर्ट्स की टीम एकलव्या स्कूल, केंद्रीय विद्यालय (केवी-3) व विक्टर मॉडल स्कूल जालंधर कैंट पहुंची। यहां स्टूडैंट्स को पानी के बचाव संबंधी प्रैजेंटेशन दी गई और उन्हें पानी बचाने के लिए शपथ दिलाई गई।

केवी तीन की स्कूल टीचर वरूण कालिया ने थिंक डॉट कॉम नामक साइट तैयार की है, जिसमें एन्वॉयरनमैंट को साफ रखने के लिए विभिन्न लोगों के बयान हैं। उन्होंने बताया कि दैनिक भास्कर के प्रयास को भी उसमें शामिल किया जाएगा। स्कूल के प्रिंसीपल केएल आनंद ने बच्चों को जल संरक्षण टिप्स को फॉलो करने का आह्वान दिया।

एकलव्या स्कूल के स्टूडैंट्स ने जल सरंक्षण पर कविताएं सुनाईं व घर में पेरैंट्स को भी पानी बचाने के लिए आगाह करने का वादा दिया। यहा छोटे-छोटे बच्चे जल रिपोर्टर्स की तरफ से बताए गए तथ्य सुनकर हैरान हुए तथा उनमें बार-बार जिज्ञासाएं जगती रहीं। उन्होंने जल रिपोर्टर्स से कई सवाल भी पूछे। मासूम सवालों के जवाब उधाहरणों के साथ समझाए गए। स्कूल प्रिंसीपल सपना बख्शी ने बताया कि वह स्कूल में पानी पर बच्चों को लैक्चर के जरिए अवेयर कर रही हैं। उन्होंने बताया कि वह लोगों को पानी बचाने के लिए अवेयर करने के लिए जल्द ही एक रैली भी निकालेंगी।

विक्टर मॉडल स्कूल में स्टूडैंट्स ने जल रिपोर्ट्स के साथ मिलकर पानी बचाने की शपथ ली व पानी को बचाने के लिए आसपास व रिश्तेदारों को अवेयर करने का वादा दिया। स्टूडैंट्स ने पानी की वेस्टेज और उसे रोकने के लिए भी बताया। इस दौरान स्टूडैंट्स ने परिसर में भी पानी की वेस्टेज की चैकिंग की तथा बेवजह चलते नल बंद करवाए।

पानी ही जीवन है। जिस तरह से पानी की खपत हो रही है, उससे लगता है जल्द ही पानी के लिए लोगों को तरसना पड़ेगा। इसलिए अभी से संभलना जरूरी है।

- गगनदीप, स्टूडैंट (केवी-3)

पानी क ा लैवल दिन-ब-दिन नीचे जा रहा है। दुनियाभर में मात्र 3 प्रतिशत पानी ही पीने योग्य बचा है। जल सत्याग्रह के सदस्य बनना जरूरी है। - साक्षी, स्टूडैंट (केवी-3)

सभी को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए पानी को बचाने के लिए अपना सहयोग देना चाहिए। छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखकर ये संभव है। इसे रूटीन में अपनाएंगे।

- कंवलजीत, स्टूडैंट, (केवी-3)





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: