नई दिल्ली. विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी ने अफगानिस्तान में निर्माण एवं विकास कार्य जारी रखने की वचनबद्धता दोहराते हुए बुधवार को कहा कि सरकार तालिबान आतंकवादियों के दबाव में नहीं आएगी और वहाँ काम करने वाले भारतीय कर्मियों की सुरक्षा के ठोस उपाय करेगी। संसद परिसर में संवाददाताओं के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में एक सवाल के जबाव में मुखर्जी ने माना कि अफगानिस्तान में काम कर रहे भारतीय अधिकारियों और इंजीनियरों को विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। तालिबानी आतंकवादियों की तरफ से उन्हें रोजाना धमकियाँ मिलती रहती हैं लेकिन सरकार उनके दबाव में आए बिना विकास कार्यों को जारी रखेगी। ईरान के परमाणु कार्यक्रम और अमेरिकी दबाव के बारे में पूछे गए एक सवाल के जबाव में मुखर्जी ने कहा कि इस मामले में भारत की स्थिति बिल्कुल साफ है। भारत का ईरान से कहना है कि वह अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) को संतुष्ट करे कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांति उद्देश्यों के लिए है।