पंचकूलाहरियाणा के शिक्षा व परिवहन मंत्री मांगे राम गुप्ता ने बुधवार को यहां एडिशनल सीजेएम मधु खन्ना की अदालत में इनेलो के राज्यसभा सांसद अजय सिंह चौटाला के खिलाफ मानहानि की क्रिमिनल कंप्लेंट दायर की है। गुप्ता ने यह शिकायत आईपीसी की धारा-499 और 500 के तहत दायर की है।
इसके तहत अपराध सिद्ध होने पर आरोपी को सजा हो सकती है। बुधवार को अदालत में मांगे राम गुप्ता और एआर गोयल की गवाही भी हुई। इस मामले में गवाही के लिए अदालत ने अगली तारीख 7 मई तय की गई है।
गुप्ता ने अदालत में दी कहा है कि वे सेक्टर-15 पंचकूला में रहते हैं और हरियाणा सरकार में शिक्षा व परिवहन मंत्री का जिम्मा संभाल रहे हैं। इससे पहले भी हरियाणा सरकार में वे कई बार मंत्री रह चुके हैं और कई धार्मिक, सामाजिक व शिक्षण संस्थाओं से जुड़े हैं। गुप्ता ने कहा कि हरियाणा स्टाफ सेलेक्शन कमीशन पंचकूला द्वारा नायब तहसीलदार के पदों के लिए आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए थे। इसमें उनके कुछ रिश्तेदारों (अमित गुप्ता, पंकज, वरुण सिंगला, सौरव सिंगला) ने भी आवेदन किया और लिखित परीक्षा दी, लेकिन वे इंटरव्यू के लिए क्वालीफाई नहीं हो सके।
विक्रम को नहीं जानते
मांगे राम गुप्ता ने शिकायत में कहा कि वे या उनके परिजन विक्रम सिंगला को जानते तक नहीं। लिहाजा चौटाला के बयानों से उनकी छवि को गहरा धक्का लगा है। इससे आम जनता के बीच उनकी छवि खराब हुई है। गुप्ता ने यह भी कहा कि इसके अलावा उन्होंने इन आरोपों से मानसिक परेशानी भी झेली। गुप्ता ने शिकायत में कहा कि उन्होंने विधानसभा में भी इस बारे में अपना मत स्पष्ट किया था। गुप्ता ने कहा कि अजय चौटाला ने जानबूझ कर उनके राजनीतिक करिअर को नुकसान पहुंचाने के लिए झूठे बयान दिए। अदालत आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करे।
चौटाला ने लगाए थे आरोप
बीते 26 मार्च को जब वह सेक्टर-12ए में ए.आर. गोयल के निवास पर बैठे थे तो उन्हें उखबारों के माध्यम से पता चला कि अजय चौटाला ने हरियाणा मंत्रिमंडल के मंत्रियों, विधायकों, स्टाफ सेलेक्शन कमीशन के सदस्यों व उन पर आरोप लगाया कि अपने चहेतों को नौकरियां बांटी गई हैं। चौटाला ने कहा कि एक आवेदक विक्रम सिंगला शिक्षा व परिवहन मंत्री का रिश्तेदार है।