मुंबई/इस्लामाबाद. सरबजीत को राहत देने के लिए कोई याचिका पेंडिंग न होने के पाकिस्तान राष्ट्रपति के प्रवक्ता के बयान के बाद पाक के पूर्व मंत्री अंसार बर्नी ने कहा है कि अगर राष्ट्रपति दफ्तर में याचिका नहीं पहुंची है तो वे आज ही फिर से याचिका भिजवाने की व्यवस्था कर रहे हैं।
एक टीवी चैनल से बातचीत करते हुए बर्नी ने कहा कि उन्होंने सरबजीत को राहत दिए जाने के लिए अपना आवेदन 21 अप्रैल को भेज दिया था। बर्नी ने कहा कि अगर व्यवस्था में कहीं दोष होने पर याचिका पाक राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के दफ्तर तक नहीं पहुंची है तो वे गुरुवार को फिर से वह आवेदन किसी व्यक्ति के हाथों से पहुंचवाने की व्यवस्था कर देंगे।
बर्नी ने कहा कि मुशर्रफ के प्रवक्ता रशीद कुरैशी द्वारा यह बयान दिया जाना कि उनके पास सरबजीत के लिए कोई याचिका नहीं है, संकेत देता है कि राष्ट्रपति के दिल में रहम की गुंजाइश है। बर्नी ने साफ तौर पर कहा कि वे मानते हैं कि जो शख्स किसी को जिंदगी दे नहीं सकता, वह किसी को मौत कैसे दे सकता है।
इससे पहले रशीद कुरैशी ने बयान दिया था कि मुशर्रफ के पास सरबजीत को राहत देने के लिए कोई याचिका पेंडिंग नहीं है। अंसार बर्नी कुछ दिन पहले ही कह चुके थे कि वे सरबजीत के लिए याचिका दाखिल कर रहे हैं। कुरैशी के बयान के बाद बर्नी का दावा सवालों में घिर गया था। बर्नी द्वारा यह बयान दिए जाने के बाद सवाल काफी हद तक हट गए हैं लेकिन कुरैशी के बयान से भारत के दावे पर अब तक प्रश्नचिह्न् लगा है क्योंकि भारत ने भी एक याचिका पाकिस्तान भेजी थी।
क्या मिल पाएगा परिवार सरबजीत से :
पाकिस्तान की जेल में कैद सरबजीत सिंह से मिलने के लिए उसका पूरा परिवार बुधवार को पाकिस्तान पहुंच चुका है लेकिन सरबजीत से परिजनों की मुलाकात भी खटाई में पड़ती दिख रही है क्योंकि कुरैशी ने बयान में यह भी कहा कि परिवार से मिलने की इजाजत लेने के लिए सरबजीत की तरफ से कोई आवेदन नहीं मिला है।
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