मुंबई. शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने भाजपा नेता गोपीनाथ मुंडे के पार्टी से विद्रोह के बारे में कहा है कि मुंडे के इस कदम से भाजपा में खो रहा लोकतंत्र बहाल हुआ है। ठाकरे ने कई नेताओं की तुलना में मुंडे को ज्यादा कद्दावर करार देने की कोशिश भी की।
शिवसेना के मुखपत्र सामना में एक संपादकीय लिखते हुए बाल ठाकरे ने मुंडे के विद्रोह को जायज ठहराया और लिखा कि भाजपा आंतरिक कलह के कारण महाराष्ट्र में खुद को कमजोर नहीं करना चाहती थी इसलिए उसे मुंडे के आगे झुकना पड़ा।
ठाकरे ने लिखा है कि इस पूरे घटनाक्रम के बाद मुंडे महाराष्ट्र में रसूखदार नेता बनकर उभरे हैं और फिलहाल उनकी टक्कर में कोई नहीं है। ठाकरे के मत से मुंडे उन अपवादोंमें से हैं जिन्होंने विद्रोह किया और भाजपा में सफलता भी पाई। मुंडे की विजय के लिए ठाकरे ने लिखा है कि दिल्ली भी झुकती है..
मुंडे की तुलना उमा, खुराना, वाघेला से :
ठाकरे ने लिखा है भाजपा में पहले भी उमा भारती और मदनलाल खुराना जैसे बड़े नेता बगावत कर चुके हैं लेकिन उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। इसी तरह शंकर सिंह वाघेला और केशुभाई पटेल जैसे दिग्गज भी पार्टी से विद्रोह कर कोई कामयाबी हासिल नहीं कर सके। इस तरह के उदाहरणों के बाद ठाकरे ने लिखा है कि मुंडे के विद्रोह को लेकर भी कहा जा रहा था कि अंजाम क्या होगा लेकिन मुंडे ने पार्टी की प्रणाली को बहाल करने में सफलता पाई।
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