इंदौर. आवंटित फ्लैट में दो साल से जल प्रदाय नहीं करने पर जिला उपभोक्ता फोरम ने इंदौर विकास प्राधिकरण को 10 हजार रुपए का दंड दिया है। इससे पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित लोगों को न्याय पाने का नया रास्ता दिखाई दिया है। फैसले के मुताबिक आईडीए की योजना क्रमांक 114 (राजीव आवास विहार) के फ्लैट नंबर एफ 256 ए-2 में अर्पित तिवारी रहते हैं। वहां जनवरी 2006 से नल में पानी नहीं आ रहा है।
इससे परेशान श्री तिवारी ने पिछले साल जून और जुलाई में आईडीए को कई लिखित शिकायतें कीं, लेकिन उसने समस्या का निराकरण नहीं किया। इस दौरान फोरम ने पाया कि एक और रहवासी लक्ष्मीनारायण रम्बाडे ने भी नल में पानी नहीं आने की शिकायत 29 अगस्त 2006 को की थी, जिस पर भी आईडीए ने ध्यान नहीं दिया।
एडवोकेट ऋतुराज शर्मा ने बताया फोरम के अध्यक्ष अभिनंदनकुमार जैन और सदस्य शोभा दुबे ने आईडीए को सेवा में कमी का दोषी पाया और उपभोक्ता श्री तिवारी को प्रतिकर के 10 हजार रुपए का भुगतान करने के निर्देश दिए। इसके अलावा 500 रुपए मानसिक संत्रास के भी देने को कहा है।