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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़. पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पंचकूला के एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि वे उसके द्वारा अप्रैल 2005 में दी गई अंडरटेकिंग के आधार पर नगर परिषद के प्रधान और उपप्रधान का चुनाव गुप्त मतदान (सीकेट्र बैलेट) के द्वारा ही करवाएं। जस्टिस के एस ग्रेवाल और जस्टिस दया चौधरी की खंडपीठ ने ये निर्देश पूर्व प्रधान सीमा चौधरी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद दिए।
दहिया को नोटिस
खंडपीठ ने सीमा चौधरी की उस मांग पर हरियाणा सरकार और एसडीएम वीरेंद्र दहिया को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है जिसमें एसडीएम वीरेंद्र दहिया को चुनाव प्रक्रिया से बाहर रखने और चुनाव के लिए विशेष ऑब्जर्वर की नियुक्ति की मांग की गई थी। मामले की अगली सुनवाई 15 मई रखी गई है और इसी दिन सरकार और एसडीएम दहिया को मामले पर अपना पक्ष रखने कहा गया है।
गड़बडी़ की आशंका
दायर याचिका में सीमा चौधरी ने कहा कि शुक्रवार यानी 25 अप्रैल को एसडीएम ने नवगठित नगर परिषद की मीटिंग बुलाई है और उसे आशंका है कि एसडीएम इसी दिन मतदान करवा कर प्रधान और उपप्रधान की नियुक्ति कर सकते हैं। चौधरी का आरोप था कि इन पदों के चुनाव के लिए गुप्त मतदान करवाया जाए क्योंकि कांग्रेस चुनाव में गड़बड़ करवा सकती है। उसने कांग्रेस द्वारा इनेलो पार्षद को किडनैप कर अपने गुट में शामिल करने की घटना का भी जिक्र किया। चौधरी ने आरोप लगाया कि एसडीएम दहिया की भूमिका हमेशा ही संदिग्ध रही है, ऐसे में उन्हें इस चुनाव प्रक्रिया से बाहर रखा जाए।