News
Metros
Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़. फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर प्रोमोशन लेने के मामले में वीरवार को आईजी शांति कुमार जैन ने इंस्पेक्टर रामगोपाल को सस्पेंड कर लाइन में भेज दिया और उनकी डिपार्टमेंटल इंक्वायरी भी मार्क कर दी। रामगोपाल के खिलाफ किन धाराओं में केस दर्ज किया जाए, इस पर कानूनी राय लेने के लिए इंक्वायरी रिपोर्ट डीडीए को भेजी है।
आईजी के इस कदम के बाद रामगोपाल पर मुकदमा दर्ज होना और रिवर्ट होना लगभग तय माना जा रहा है। यही देखना बाकी है कि रामगोपाल को लीगल ओपिनियन और डिपार्टमेंटल इंक्वायरी के जरिए गिरफ्तारी और डिमोशन से कितने दिन की मोहलत और मिलेगी।
तुरंत गिरफ्तार कर लेना चाहिए
रामगोपाल के फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर प्रमोशन पाने के मुद्दे को जिला अदालत ले जाने वाले एडवोकेट अरविंद ठाकुर के मुताबिक रामगोपाल के खिलाफ कानूनन आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (फर्जी डाक्यूमेंट तैयार करना), 471 (फर्जी डाक्यूमेंट का प्रयोग करना), 474 (फर्जी डॉक्यूमेंट को अपने पास रखना) और सेक्शन 34 के तहत मामला दर्ज होना चाहिए और उन्हें बाकी मुलजिमों की तरह तुरंत गिरफ्तार कर लेना चाहिए।
दूसरी तरफ रामगोपाल की सस्पेंशन के बाद चंडीगढ़ पुलिस के सब इंस्पेक्टरों में काफी संतोष है और उनका मानना है कि रामगोपाल के खिलाफ दो दिनों के भीतर मामला दर्ज हो जाएगा।