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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. आजाद चौक से तात्यापारा के मध्य रामाधार शर्मा के पुराने मकान की बाहरी दीवार को तोड़ते ही वहां सनसनी का माहौल बन गया। दीवार हटते ही लंबी अंधेरी सुरंग का मुहाना नजर आने लगा। देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ लग गई, लेकिन किसी में हिम्मत नहीं थी कि भीतर घुस सकें। नगर निवेशक एमके गुप्ता ने बताया कि पुरात्व विभाग को इसकी सूचना दे दी गई है। कथित सुरंग की जांच की जाएगी।
मकान काफी पुराना है और इसका एक बड़ा हिस्सा चौड़ीकरण में आ रहा है। आज सुबह जब इसकी दीवार ढहाई गई, सुरंग का मुहाना जैसा अंधेरा खाली स्थान नजर आने लगा। इसी खोह के ऊपर दो दीवारों के सहारे पीपल का पुराना पेड़ खड़ा हुआ है। उसकी जड़ें दोनों और दीवारों को जकड़ी हुई है। उत्सुकतावश लोगों ने अंधेरे खोह में पत्थर के टुकड़े फेंके, भीतर पानी छलकने जैसी आवाज आई।
निगम अमले ने काम रोका और लोगों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। पूरे दिन वहां लोगों का मजमा लगा रहा। लोग अंधेरे में झांकते रहे, लेकिन भीतर कोई नहीं घुसा। हल्ला यह भी उड़ा कि भीतर नाग है। पुराविदों का कहना है, यह पुराना बावड़ी हो सकता है। जहां तक जाने के लिए सुरंगनुमा सीढ़ियां हैं। इतिहासकार रमेंद्रनाथ मिश्र का कहना है, नागपुर के भोंसले शासकों के दस्तावेजों में इस बावड़ी का जिक्र है।
इसके ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए इसका सरंक्षण जरूरी है। पुरातत्व विद डा. लक्ष्मीशंकर निगम के अनुसार यह बावड़ी मराठाकालीन है। इसका इस्तेमाल वीआईपी कुएं की तरह होता था। इसके पानी तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां हैं। इस तरह की बावड़ी मालवा क्षेत्र में बहुतायत में मिलती है।
सब डर गए
सुरंग के मुहाने पर ही इतना अंधेरा है कि लोग भीतर झांकने की हिम्मत भी मुश्किल से जुटा पाए। सांप-बिच्छू की आशंका की वजह से ज्यादातर लोगों ने दूरी बनाए रखी। अलबत्ता उनकी भीड़ की वजह से जीई रोड पर बार-बार जाम के हालात बनते रहे। इधर, मकान मालिकों में से एक रितेश शर्मा का कहना है कि यह सुरंग नहीं है। पुराने बड़े बाड़े जैसे इस मकान का एक हिस्सा बंद पड़ा है। अचानक दीवार ढहने से उजाड़ कमरा नमूदार हुआ है, जिसे लोगों ने सुरंग समझ लिया।
आज उखाड़ेंगे पेड़
सुरंग की दीवारों के ऊपर स्थित पेड़ को शुक्रवार को उखाड़ा जाएगा। इसके लिए पुरातत्व विभाग को भी छानबीन के लिए सूचना दी गई है। दीवारें ढेरों पत्थरों से बना है और इसकी मोटाई भी अधिक है। दीवारें तोड़कर सुरंग पत्थरों से ढक दिया जाएगा। इसके लिए पूरी सावधानी भी बरती जाएगी।