सरदारशहर/जयपुर.
सरदारशहर (चूरू) में आईएएसई विश्वविद्यालय गांधी मंदिर के वाइस चांसलर को गिरफ्तार करने की धमकी देकर 19 लाख रु. की रिश्वत लेने वाले आंध्रप्रदेश के तीन पुलिसकर्मियों सहित चार लोगों को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। राजस्थान में यह अपनी तरह का पहला मामला है।
आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। नकदी, चैक व ड्राफ्ट बरामद कर लिए गए हैं। ब्यूरो के डीजी केएस बैंस ने बताया कि ब्यूरो की चूरू इकाई को वाइस चांसलर मिलाप दुग्गड़ ने इस बारे में सूचना दे दी।
इन लोगों ने दुग्गड़ को बताया कि वे धोखाधड़ी के मामले में उनके गिरफ्तारी वारंट लेकर आए हैं। फिर उन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए 19 लाख रुपए की मांग की। दुग्गड़ ने वारंट मांगा, तो उन्होंने दिखाने से इनकार कर दिया। इसके बाद इन्होंने दुग्गड़ से बुधवार रात को 7 लाख रु. लेने के बाद ही उन्हें घर जाने दिया। इसके बाद गुरुवार सुबह फिर उन्होंने दुग्गड़ को गिरफ्तारी की चेतावनी देते हुए रुपए मांगे।
इस सूचना पर ब्यूरो के अधिकारियों ने दोपहर होटल शांति पैलेस के एक कमरे में छापा मारा और चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों में आंध्र के खम्मम जिले के पुलिस थाना पोलाचा टाउन के हेडकांस्टेबल मंजूर अली, सिपाही अनिल कुमार व रामचंद्र तथा पालोचा निवासी लक्ष्मी रेड्डी हैं। किसके पास क्या मिला
एसीबी ने लक्ष्मी रेड्डी के पास 8 लाख रुपए, एक-एक लाख रुपए के दो ड्राफ्ट, एक चेक डेढ़ लाख रुपए का, अनिल कुमार के पास 50 हजार और उनके कमरे से 6 लाख 99300 रुपए नकद बरामद कर लिए।
दूसरे राज्यों की पुलिस पहले भी करती रही घपले
1. फर्जी वारंट
गत वर्ष अप्रैल माह में दो जनों की गिरफ्तारी के लिए आंध्र पुलिस फर्जी वारंट लेकर जयपुर आ पहुंची थी। मामला नाहरगढ़ थाने के एक उप निरीक्षक को गिरफ्तार करने का था। निरीक्षक ने जब वारंट मांगा तो उस पर कोर्ट की सील ही नहीं थी।
2. रिश्वत लेते पकड़ा
2006 में हरियाणा पुलिस का एक एएसआई महिला प्रताड़ना के मामले में आरोपी पति को गिरफ्तार करने जयपुर आया था। गिरफ्तारी नहीं करने के एवज में उसे आमेर में 15 हजार रुपए लेते गिरफ्तार कर लिया गया था।
3. पुलिस को मांगनी पड़ी माफी
2006 में हरियाणा पुलिस धोखाधड़ी के मामले में झोटवाड़ा क्षेत्र के एक व्यक्ति को गिरफ्तार करने आई थी। पुलिस वालों को बंदी बना लिया गया। स्थानीय पुलिस को सूचना नहीं देने पर हरियाणा पुलिस को माफी मांगनी पड़ी थी।