बालेसर. जोधपुर जिले के देचू व सेतरावां गांव के बीच जोधपुर-जैसलमेर मार्ग पर बुधवार मध्यरात्रि को सड़क दुर्घटना में मरे 24 जनों में से 19 के एक ही गांव सेतरावां के होने से गुरुवार को पूरे गांव में शोक का माहौल रहा। घरों में चूल्हे तक नहीं जले। हर किसी की आंखें छलक पड़ रहीं थीं।
सभी 19 अर्थियां एक साथ उठीं तो जैसे हाहाकार मच गया। जिन्होंने अभी तक अपने आप को जैसे-तैसे संभाल रखा था, वे भी अपने आंसुओं को नहीं रोक सके। टबरे और पिक अप जीप की यह भीषण भिड़ंत कुछ परिवारों को तो पूरी तरह तबाह कर गई। कुदरत का कहर ऐसा बरपा कि परिवारों में एक भी जिम्मेदार व्यक्ति नहीं बचा था।
चार बच्चे अनाथ हो गए
इस दुर्घटना में घेवरराम(50) पुत्र भैराराम के अलावा उसकी पत्नी धापू (30), माता मांगू देवी(65) व पुत्र पप्पू राम (10) की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं एक वर्षीय बच्ची गुड्डी के गंभीर घायल हो जाने से उसका जोधपुर के मथुरादास चिकित्सालय में इलाज चल रहा है। अब इस परिवार में अनूपाराम(11), तिलाराम (9), कमला (15) व घायल गुड्डी ही बची है। इनकी देखरेख करने वाला परिवार में कोई नहीं बचा है।
बालक ने किया चार परिजनों का संस्कार : पिता, मां, दादी व भाई की मौत के बाद अंतिम संस्कार करने के लिए बालक अनूपाराम ही बचा था। उसने ही सारे कर्मकांड किए।