मुजफ्फरनगर. बिहार के नए एक्साइज मंत्री के रूप में जमशेद अशरफ की नियुक्ति के साथ ही विवाद खड़ा हो गया है और एक इस्लामी संस्था ने आपत्ति लेते हुए कहा है कि मुस्लिमों को शराब से जुड़े व्यवसाय से जुड़ने की इजाजत नहीं है।
पटना की शरीअत कमेटी दारुल उलूम देवबंद ने अशरफ के खिलाफ फतवा जारी करते हुए उनसे तुरंत अपना पद त्यागने को कहा है। 13 अप्रैल को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा अशरफ को विभाग सौंपने के तुरंत बाद ही पटना में इमारते-शरीअ ने कहा था कि अशरफ को ऐसा मंत्रालय नहीं लेना चाहिए जो ऐसी वस्तुओं से जुड़ा है जो इस्लाम में हराम हैं।
दारुल उलूम के डिप्टी वाइस चांसलर मौलाना कारी मोहम्मद उस्मान ने कहा कि इमारते-शरीअ द्वारा जारी फतवा शरीअत के हिसाब से है। इस्लामी संस्था के सलाहकारों का कहना है कि फतवा कोई आदेश नहीं होता, बल्कि यह सिर्फ मार्गदर्शन है कि नियमों के मुताबिक क्या सही है।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में मायावती सरकार में भी एक्साइज एवं पीडब्ल्यूडी मंत्रालय एक मुस्लिम नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी के हाथ में है। सलाहकार कहते हैं कि फतवा तभी जारी किया जाता है जब कोई शरीअत कानून के मुताबिक मार्गदर्शन चाहने के लिए संपर्क करता है।