इंदौर. संत आसाराम बापू के जयकारे लगाए जा रहे थे.., डीजे साउंड पर चल रहे बापू के पसंदीदा भजनों पर युवा थिरक रहे थे.., लोगों को चंदन के टीके लगाए जा रहे थे.., एक-दूसरे को बापू के जन्मदिन की बधाइयां दी जा रही थीं..। बैंड-बाजे के साथ ही सबसे ज्यादा भजन- ‘पावन-पावन नाम हरि हरि ओम्, मधुर-मधुर नाम हरि हरि ओम्..’ चल रहा था।
श्रद्धा से सराबोर यह नजारा था संतश्री के 68वें जन्मदिन पर शनिवार को शिवधाम परदेशीपुरा से निकाली गई संकीर्तन यात्रा का। इसमें मुख्य रूप से फूलों से सुसज्जित रथ पर संत आसाराम बापू का चित्र रखा गया था। बग्घी पर भी गुरुदेव के चित्र पर छत्र लगाकर उनके प्रति आस्था जताई जा रही थी। संत आसाराम गुरुकुल की एक झांकी भी आकर्षण का केंद्र थी, जिस पर बापू के बड़े चित्र के साथ शिक्षा को लेकर उनका प्रमुख संदेश भी लिखा गया था- ‘विद्यार्थीकाल ही जीवन की नींव है, आओ इसे सुदृढ़ बनाएं।’ यात्रा का समापन अटल द्वार पर हुआ। इस दौरान पूरा माहौल ही हरि ओम, गुरुदेव और बापू के जयकारों से गूंज उठा। मार्ग में कई स्थानों पर यात्रा का स्वागत किया गया।
इसके पहले सुबह 7 बजे खंडवा रोड स्थित आश्रम पर संतश्री की दीर्घायु की कामना के लिए हवन किया गया। इस दौरान आश्रम संचालक आनंद हरियानी, डॉ. आई.जी. सिंह (जयपुर), जे.पी. मित्तल (अहमदाबाद) ने दीप जलाए। आतिशबाजी भी की गई। इसके बाद 12 बजे सत्संग हॉल में गायक राजेशकुमार सांखला ने बधाई गीत प्रस्तुत किए।