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गीला और सड़ा चावल मिल रहा ग्रामीणों को

बिलासपुर. शासन-प्रशासन की सतर्कता के बावजूद गांवों में गीले व फफूंद लगे चावल की बोरियां ग्रामीणों को दी जा रही हैं। बिल्हा ब्लाक से मिली शिकायतों की जांच में बड़े पैमाने पर गुणवत्ताविहीन व कम चावल बांटने का खुलासा हुआ है। इसके बाद कलेक्टर ने नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। एक हफ्ते में जवाब न मिलने पर एकतरफा कार्रवाई की जाएगी।

बिल्हा नगर पंचायत सहित इस क्षेत्र के तीन गांवों से अलग-अलग शिकायतें खाद्य विभाग को मिली थीं, जिनकी मौके पर पहुंचकर जांच की गई। जांच के बाद जो तथ्य सामने आए, उससे पूरे फूड महकमे में हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों को जो सीलबंद बोरियां दी गईं, उनमें चावल की गुणवत्ता इतनी खराब हो गई है कि काले ढेले पड़ गए हैं, साथ ही फफूंद लगा और गीला चावल भी उन्हें बांटा गया था। बिल्हा ब्लाक के ग्राम बाम्हू की शासकीय उचित मूल्य की दुकान में खाद्य नियंत्रक पी. खेस्स ने जांच की। नरसिंह नाथ महिला स्व सहायता समूह द्वारा संचालित दुकान को नागरिक आपूर्ति निगम (नान) ने 4 अप्रैल को इस माह के लिए 35 किलो की 195 बोरियों में 68.25 क्विंटल चावल दिया था।

15 अप्रैल तक इसमें से 171 बोरियां यानी 59.85 क्विंटल चावल ग्रामीणों को वितरित कर दिया गया। बोरियों को खोलने पर ग्रामीणों के होश उड़ गए। किसी में गीला, तो किसी में फफूंद लगा चावल निकला। वे चावल की बोरियां लेकर वापस दुकान पहुंचने लगे। इधर दुकान में शेष 24 बोरी चावल को पंचों के सामने खोलकर देखा गया तो उनका चावल भी गुणवत्ताविहीन निकला।

चावल उत्सव में सड़ा चावल!

बिल्हा ब्लाक के ही ग्राम परसदा में उपभोक्ताओं की शिकायत पर जांच की गई। यहां 10 अप्रैल को चावल उत्सव आयोजित कर ग्रामीणों को चावल की बोरियां दी गईं। बांटी गईं कुल 191 बोरियों में सड़ा और भीगा हुआ चावल निकला। बाद में शेष 253 बोरियों की बिक्री बंद कर उन्हें दुकान में ही रख लिया गया। सभी बोरियों में खराब चावल की मात्रा एक से पांच किलो तक थी। कई ग्रामीणों ने बोरियां दुकान में लौटा दीं।

बिल्हा में बंटी कम वजन की बोरियां

बिल्हा नगर पंचायत में वार्ड 1 से 4 तक के लिए सेवा सहकारी समिति द्वारा उचित मूल्य की दुकान संचालित है। यहां सहायक खाद्य अधिकारी केके घोरे व खाद्य निरीक्षक एमएल शर्मा ने रेण्डम पद्धति से बोरियों की तौलाने पर पाया कि सभी बोरियों में 200 से 600 ग्राम चावल कम था। 35 किलो की जगह कम चावल उपभोक्ताओं को दिया जा रहा था। सहायक खाद्य अधिकारी आरएस ठाकुर ने बताया कि जांच प्रतिवेदन कलेक्टर को सौंप दिया है।

अफसरों पर गिर सकती है गाज

राज्य शासन से निर्देश मिलने के बाद भी चावल वितरण में गड़बड़ी उजागर होने के बाद नागरिक आपूर्ति के अफसरों पर बन आई है। कलेक्टर सुबोध कुमार सिंह ने निगम के जिला प्रबंधक एपी पाण्डेय को तीनों मामलों में अलग-अलग नोटिस जारी की गई है। इनमें कहा गया है कि खराब चावल के भंडारण से शासन की छवि खराब हो रही है। यह सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश 2001 की धारा 4 व 5/10 का उल्लंघन है तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।

अत: क्यों न आपके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाए। कलेक्टर ने प्रबंधक से कहा है कि वे एक सप्ताह के भीतर नोटिस का लिखित जवाब स्वयं उपस्थित होकर प्रस्तुत करें। जवाब न मिलने पर एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी। मामले की जानकारी शासन को दे दी गई है। इधर इन गांवों में कम या खराब पाए गए चावल की वसूली नान से करने की तैयारी की जा रही है।





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