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चौराहा बना छावनी

बिलासपुर. बोड़सरा में हुई घटना के बाद गिरफ्तार किए गए गुरु बालदास को रिहा करने की मांग पर सतनामी समाज के लोगों ने एसडीएम संजय अग्रवाल को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए एक हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे, साथ ही नेहरू चौक से मंगला चौक तक धारा 144 लगाई गई थी।

गुरु बालदास की रिहाई के लिए सतनामी समाज द्वारा अलग-अलग स्थानों पर गिरफ्तारी दी जा रही है। इसी क्रम में शनिवार को समाज के लोगों ने शहर में भी गिरफ्तारी देने की घोषणा की थी। घोषणा के मद्देनजर प्रशासन ने नेहरू चौक से मंगला नाका तक धारा 144 लागू कर दी थी। समाज के लोगों ने सुबह 10:30 बजे गिरफ्तारी देने और ज्ञापन सौंपने की घोषणा की थी। इसे देखते हुए शनिवार सुबह से ही नेहरू चौक में तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। लगभग 12 बजे समाज के लगभग 30 लोग वहां जुलूस की शक्ल में पहुंचे। कुछ देर तक नारेबाजी करने के बाद वे बस स्टाप के पास बैठ गए। दोपहर लगभग 3:30 बजे जरहाभाठा स्थित महंतबाड़ा से सतनामी समाज के राजमहंत व धर्मगुरुओं के नेतृत्व में रैली निकली।

रैली में लगभग 300 लोग शामिल थे। वे हाथों में सफेद झंडा, गुरु बालदास को रिहा करने की मांग लिखे हुए बैनर लिए हुए नारेबाजी करते चल रहे थे। रैली के नेहरू चौक की ओर पहुंचने की सूचना मिलते ही पुलिस ने चौक की तीन ओर से बेरिकेडिंग कर दी, ताकि जुलूस में शामिल लोग धारा 144 के तहत प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश न कर सकें। चौक में पहुंचने के बाद समाज के लोगों का जुलूस आमसभा में बदल गया।

यहां पर समाज के गुरु सतयोजन ने सभा को संबोधित किया। उन्होंने समाज के लोगों से एकजुट होने का आह्वान किया। इसके बाद गुरु बालदास की रिहाई, बोड़सरा बाड़ा को सतनामी समाज को हस्तांतरित करने, घायलों को मुआवजा देने, बोड़सरा को धार्मिक स्थल घोषित करने सहित 7 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री, राज्यपाल, मानवाधिकार आयोग, महिला आयोग, अनुसूचित जाति आयोग, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री व मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया। एसडीएम श्री अग्रवाल ने ज्ञापन लिया। इसके बाद समाज के लोग वापस महंतबाड़ा के लिए लौट गए।

भाजपा बताए साढ़े चार साल में क्या किया: बोड़सरा कांड के 14 दिन बाद भाजपा के स्थानीय नेता बोड़सरा कांड के लिए कांग्रेस को दोषी ठहरा रहे हैं। भाजपा नेताओं और मुख्यमंत्री को यह बताना चाहिए कि उन्हें साढ़े चार साल के शासन में बोड़सरा के हल के लिए क्या किया है। शहर कांग्रेस कमेटी के कार्यकारिणी सदस्य अभयनारायण राय ने कहा है कि भाजपा सरकार पहले अपनी नीतियों का खुलासा करे, फिर कांग्रेस व पूर्व मुख्यमंत्री पर आरोप लगाए।

तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था

12 अप्रैल को हुई घटना को देखते हुए पुलिस ने नेहरु चौक में तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर रखी थी। एहतियातन पुलिस के लगभग 1 हजार जवान तैनात किए गए थे। तीन ओर से बेरिकेडिंग की गई थी। वज्र और वरुण से लैस सहित पुलिस ने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम कर रखे थे।

डायवर्ट किए गए वाहन

यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए शनिवार सुबह से ही वाहनों को डायवर्ट किया गया। रायपुर की ओर से आने वाले भारी वाहनों को सिरगिट्टी से गुरुनानक चौक की ओर डायवर्ट किया गया। इसी तरह सवारी वाहनों को महामाया चौक से प्रवेश देकर छत्तीसगढ़ भवन रोड होते हुए निकाला गया। मुंगेली की ओर से आने वाली गाड़ियां रिंग रोड क्रमांक 2 से आईं। शाम लगभग 6 बजे तक यह व्यवस्था चली।





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