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एथनिक वर्क को प्रमोट करता है ‘दोशीजा’

चंडीगढ़ प्योर एथनिक वर्क आजकल आसानी से अवेलेबल नहीं है, अगर मिलता भी है तो वेस्टर्न टच में। इस प्योर एथनिक वर्क को प्रमोट करने में जुटा है ‘दोशीजा क्रिएशंस’। भारत के विभिन्न हिस्सों में एग्जीबिशन लगाता रहता है दोशीजा। इनका कोई आउटलेट नहीं है, लेकिन एग्जीबिशन के जरिए ये एथनिक वर्क को प्रमोट करते हैं।

एथनिक सूट और साड़ियां लेकर दोशीजा पहली बार चंडीगढ़ में आया है। इस एग्जीबिशन में सूटों की रेंज 20 हजार रुपए तक और साड़ियों की रेंज 60 हजार रुपए तक है। डिस्पले की गई ड्रेसेज डिजाइनर फसाद करीम खान और शशि वसुंधरा द्वारा डिजाइन की गई हैं। एग्जीबिशन होटल माउंटव्यू-10 में 27 अप्रैल तक है। शुक्रवार को एग्जीबिशन का उद्घाटन हास्य कलाकार सविता भट्टी ने किया।

एथनिक की खास डिजाइनिंग :

दोशीजा हर तरह के एथनिक वर्क की ड्रेसेज तैयार करते हैं। इसमें खास नजर आई चिट्टा पट्टी सलवारें। यह पटियाला सलवारें साढ़े तीन मीटर में तैयार की जाती हैं और पूरी सलवार छोटे-छोटे टुकड़े जोड़कर चिट्टा पट्टी वर्क से तैयार की गई है।

दोशीजा के सूटों पर पशमीना शॉलों पर होने वाला काम है। पशमीना वर्क की साड़ियां 60 हजार रुपए की रेंज में अवेलेबल हैं। अनारकली सूट, पठानी सूट आदि ट्रेडिशनल ड्रेसेज एथनिक वर्क से तैयार किए गए हैं।

ये हैं एथनिक वर्क :

गोटा पत्ती, मिरर, जूट, वूल, चिट्टा पट्टी, आरी, दरदोजी, एप्लेक्यू, लखनवी, कश्मीरी सुई वर्क, पिट्टा वर्क के सूट और साड़ियां दोशाजी के खास एथनिक वर्क में अवेलेबल हैं। फसाद करीम खान बताते हैं कि ये ड्रेसेज कश्मीर में तैयार किए जाते हैं।





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