बीकानेर. एक ओर जहां अस्पतालों में लगातार मीजल्स पीड़ित बच्चे पहुंच रहे हैं वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य महकमे ने अचानक एक आदेश जारी कर मीजल्स की वैक्सीन पर रोक लगा दी है। यह रोक वैक्सीन की क्वालिटी के प्रति संदेह पैदा होने के बाद लगाई गई है।
आरसीएचओ डा.सोहनलाल गोदारा के मुताबिक शनिवार को निदेशक का आदेश मिलते ही तुरंत वैक्सीन निकासी रोक दी गई वहीं जहां वैक्सीन पहुंच चुकी है वहां पर भी उसे काम में न लेने का निर्देश दिया गया है। चूंकि पूरे संभाग में वैक्सीन सप्लाई बीकानेर से ही होती है ऐसे में फिलहाल यहां लगभग 20 हजार डॉज वैक्सीन मौजूद है।
यह वैक्सीन कुछ दिन पहले ही बीकानेर पहुंची है। डा.गोदारा के मुताबिक बीकानेर में वैक्सीन के दुष्प्रभाव का कोई मामला सामने नहीं आया है मगर तमिलनाडु में इसके प्रभाव को लेकर संदेह पैदा होने के बाद यह कार्रवाई की गई है। दो-तीन दिन में वैक्सीन की जांच होने और रिपोर्ट आने के बाद ही इसे काम में लेने या न लेने पर निर्णय होगा।
मॉस वैक्सीनेशन बंद
वैक्सीन पर रोक के बाद जिले में जगह-जगह चल रहे मॉस वैक्सीनेशन कैम्पेन को भी रोक दिया गया है। यह कैम्पेन लगातार रिपोर्ट हो रहे मीजल्स रोगियों को देखते हुए शुरू किया गया है। कैम्पेन के दौरान जिस इलाके से मीजल्स रोगी रिपोर्ट होता है उस पूरे क्षेत्र में बच्चों को वैक्सीन पिलाई जा रही है।
स्वास्थ्य महकमे की रिपोर्ट के मुताबिक इस सीजन में अब तक 17 मीजल्स रोगी रिपोर्ट हो चुके हैं वहीं पीबीएम अस्पताल में संभाग सहित अन्य जिलों से पहुंचे रोगियों की संख्या लगभग 40 हो चुकी है।