बीकानेर. भारतीय जनता महिला मोर्चा की ओर से शनिवार को प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह का पुतला जलाकर विरोध प्रदर्शित किया गया। कलेक्ट्रेट पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन के बाद महिलाओं ने राष्ट्रपति के नाम एक पत्र जिला कलेक्टर के मार्फत भेजा जिसमें केंद्र सरकार को बर्खास्त करने की मांग की गई।
कलेक्ट्रेट पर पहुंची महिलाओं का कहना था कि चारों ओर महंगाई को लेकर लोग परेशान हैं लेकिन केंद्र सरकार ने कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया है जिससे ऐसा लगे की उसे देश की चिंता है। मोर्चा की जिलाध्यक्ष नीना अरोड़ा के नेतृžव में यहां पहुंची महिलाओं में बढ़ती महंगाई को लेकर जबर्दस्त आक्रोश देखने को मिला।
महिलाओं ने जमाखोरों पर अंकुश नहीं लगाने और वायदा बाजार को प्रोत्साहन देने का आरोप सरकार पर लगाते हुए कहा कि पूर्ववर्ती एनडीए सरकार की नीतियों को यूपीए सरकार आगे बढ़ाती तो ऐसे हालात पेश नहीं आते। राष्ट्रपति को भेजे गए मांगपत्र में महिला मोर्चा ने केंद्र सरकार पर देश के नागरिकों के साथ विश्वासघात करने वाला बताते हुए बर्खास्त करने की मांग की।
इस अवसर पर महिलाओं ने मनमोहनसिंह का पुतला फूंका और नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शित किया। ‘रोजी-रोटी दे न सके, वो सरकार निकम्मी है-जो सरकार निकम्मी है, वो सरकार बदलनी है।’ जैसे नारे लगाते हुए महिलाओं ने कलेक्ट्रेट पर आने जाने वाले लोगों को एक तुलनात्मक सूची भी सौंपी जिसमें एनडीए सरकार और यूपीए सरकार के कार्यकाल में आटे-दाल के भावों में बढ़त बताई गई थी।
ये थीं शामिल
नीना अरोड़ा, मधुरिमासिंह, कुंती द्विवेदी, अनीता पुरोहित, कृष्णा छंगाणी, चंद्र कंवर राजवी, तारा मेघवाल, राजकुमारी मारु, शांति मारु, नौरती देवी, लता पुरोहित, पुष्पा कंवर, ऋतु वर्मा, मघा देवी, शकुंतला सोनी, मंजूलता रावत, कैलाश बारठ, विद्या राजपुरोहित।
घी की खुशबू से काम चलाएंगे
विरोध का तरीका भाजपा महिला मोर्चा की मधुरिमासिंह ने अलग तरीके से अख्तियार किया और गले में आलू, प्याज, मिर्च, नींबू आदि की माला पहन कर कलेक्ट्रेट पहुंची। इसके अलावा उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से दाल-चावल, मिर्च-मसाला, आटा-सब्जी आदि को छोटी-छोटी पॉलीथिन में डालकर भी प्रदर्शन किया।
उन्होंने कहा कि महंगाई इसी तरह बढ़ती रहेगी तो इन सभी का आभूषणों की तरह उपयोग करना होगा। घी का डिब्बा पास रखेंगे और उसकी खुशबू से काम चलाएंगे। विशेष अवसरों पर इनका उपयोग होगा और जैसे ही काम खत्म होगा संभाल कर रख दिया जाएगा। तेजी से बढ़ने वाले दामों पर उनका कहना था कि ये स्थितियां अच्छी नहीं है।