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चर्म रोगियों के लिए अलग से थियेटर नहीं

जोधपुर. चर्म रोगियों के लिए बड़ी सर्जरी मथुरादास माथुर अस्पताल में लंबे समय से नहीं हो रही है। पूर्व में अस्पताल के नेत्र विभाग के थियेटर में एक टेबल इस विभाग को आवंटित थी। इस पर सप्ताह में दो दिन मैद, सिस्ट, चोट का निशान हटाने व सफेद दाग मिटाने के लिए सर्जरी की जाती थी। करीब चार माह पूर्व नेत्र रोग विभागाध्यक्ष ने चर्म रोग सर्जरी पर रोक लगा दी। इस कारण सैकड़ों चर्म रोगियों को बड़ी सर्जरी से वंचित होना पड़ रहा

चर्म रोग विभाग में प्रतिदिन 300 से अधिक का आउटडोर रहता है। यहां 20 बेड भर्ती के लिए आवंटित है। इस विभाग में गंजों के लिए हेयर उगाने, पश्चिमी राजस्थान के लोगों में पाई जाने वाली मैद या गांठ को निकालने, सफेद दाग व चोट के निशान हटाने के लिए मरीज को बेहोश करके सर्जरी करनी पड़ती है। इसके लिए मेडिकल कॉलेज के अधीन आने वाले चर्म विभाग में अलग से थियेटर नहीं है।

यहां के चिकित्सकों ने चर्म रोग की विशेषज्ञता हासिल की तो मेडिकल कॉलेज प्राचार्य से अलग से थियेटर का प्रस्ताव रखा। बजट के अभाव में अलग से थियेटर तो नहीं बन सका, कॉलेज प्रशासन ने नेत्र रोग विभाग के अधीन आने वाले थियेटर में एक टेबल चर्म रोग विभाग को आवंटित कर दी। चर्म रोग सर्जरी के लिए सप्ताह में दो दिन आरक्षित कर दिए।

इसके चलते गत लंबे समय से सोमवार और गुरुवार को चर्म रोग की कॉस्मेटिक सर्जरी समेत अन्य बड़ी सर्जरी से मरीज लाभान्वित होने लगे। इस दौरान तीन माह पूर्व मथुरादास माथुर अस्पताल के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष ने आंखों की सर्जरी के बढ़ रहे रोगियों का हवाला देते हुए चर्म रोग सर्जरी पर रोक लगा दी। इस कारण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

वर्तमान स्थिति
गत तीन माह से अस्पताल के एमओटी में ही मुंहासे हटाने व अन्य छोटी सर्जरी चर्म विभाग द्वारा की जा रही है। अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर डॉ कपिल का कहना है कि एमओटी में अन्य मरीज भी खड़े रहते हैं, चर्म रोग से संक्रमण फैलता है। इस कारण अन्य रोगियों को इंफेक्शन का खतरा बना रहता है।

दूसरी ओर बड़ी सर्जरी की सुविधा मथुरादास माथुर अस्पताल में अधिक खर्चीली नहीं थी। अब इसके लिए मरीज अहमदाबाद व अन्य बड़े शहरों में जा रहे हैं। जबकि मेडिकल कॉलेज में ही इस सर्जरी के विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद हैं।

चर्म रोग शिफ्ट करने का प्रस्ताव
ट्रोमा सेंटर के पिछवाड़े बनकर तैयार हो रहे भवन में अलग से थियेटर बनाने तथा चर्म विभाग को इसमें शिफ्ट करने का प्रस्ताव विभागाध्यक्ष ने अस्पताल अधीक्षक को दिया है। इसकी क्रियान्विति का विभाग को इंतजार है।

>> नेत्र रोग विभाग ने चर्म रोग विभाग की सर्जरी अपने थियेटर में करने पर रोक लगा दी है। इस कारण बड़ी सर्जरी नहीं हो पा रही है। अलग से थियेटर का प्रस्ताव बनाकर अस्पताल अधीक्षक को दिया जा चुका है।
डॉ एमके सिंघवी, विभागाध्यक्ष, चर्म एवं रति रोग, मथुरादास माथुर अस्पताल

>> नेत्र रोग विभागाध्यक्ष ने चर्म रोग सर्जरी पर रोक लगाई है, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। यह सही है कि अस्पताल में बन रहे नए भवन में चर्म रोग विभाग को शिफ्ट करने की योजना है।
डॉ केके सबरवाल, अधीक्षक, एमडीएम अस्पताल





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