जोधपुर. क्षमता से अधिक स्कूली छात्र-छात्राओं को लेकर सड़कों पर सरपट दौड़ने वाले ऑटो रिक्शा चालकों के लिए ऑटो मीटर लगाने के साथ दूसरी कई शतेर्ं लागू करने के परिवहन मंत्री के दो माह पुराने आदेश के बावजूद पुलिस व परिवहन विभाग लापरवाह बना हुआ है।
परिवहन मंत्री यूनुस खान ने 30 जनवरी को जयपुर में आयोजित एक राज्य स्तरीय बैठक में जोधपुर सहित प्रदेश के अन्य शहरों में 10 अप्रैल से बिना मीटर चलने वाले ऑटो रिक्शा के विरुद्व विशेष अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। विशेष अभियान प्रारंभ करने के आदेश हुए 16 दिन बीत चुके हैं लेकिन न तो पुलिस को फुर्सत मिली है ना ही परिवहन कार्यालय कोई कारवाई शुरू कर पाया है।
कितने हैं शहर में ऑटो रिक्शा
परिवहन विभाग ने शहर में 5 हजार 7 सौ 93 ऑटो चालकों को परमिट जारी किए हैं। परमिट दिए जाने की शर्त फिटनेश प्रमाण पत्र लेने के लिए यह है कि ऑटो रिक्शा में मीटर लगा होगा और वह भी बाट माप तोल विभाग की ओर से सत्यापित की सील लगा हुआ।
मीटर सत्यापन की स्थिति
ऑटो रिक्शा चालक को अनिवार्य रूप से हर साल बाट माप तोल विभाग से ऑटो मीटर सत्यापन करवाना जरूरी है। इस शर्त को पूरा करने के लिए विभाग से वर्ष 2007 में 18 सौ तथा वर्ष 2008 में 31 मार्च तक 364 ऑटो रिक्शा चालकों ने मीटर सत्यापन करवाए हैं।
क्या है शहर में स्थिति
शहर की सड़कों पर दौड़ रहे ऑटो रिक्शा चालक भले ही यात्री वाहन के रूप में संचालित हो रहे हों या फिर स्कूली परिवहन सेवा से जुड़े हों। साढ़े पांच हजार से अधिक संख्या में चल रहे रिक्शों में 90 प्रतिशत ऐसे हैं जिनमें अव्वल तो ऑटो मीटर लगे हुए ही नहीं हैं। 10 प्रतिशत में लगे हैं तो वे बंद पड़े हैं।
>> यह व्यवस्था दोबारा शुरू करने के प्रयास जारी हैं। वर्तमान में जो दर ऑटो चालकों के लिए तय है वह ज्यादा होने से दिक्कतें आ रही हैं। इस संबंध में आयुक्त को लिखा गया है। दर तय होने के बाद प्री पेड व मीटर व्यवस्था प्रारंभ कर दी जाएगी।
प्रेम प्रकाश टाक, एएसपी, यातायात पुलिस