कोटा. विश्व नृत्य दिवस के उपलक्ष्य पर स्पिक मैके की ओर से चल रहे ‘नृत्य महोत्सव’ में शनिवार को लॉरेंस मेयो सी.सैकंडरी स्कूल श्रीनाथपुरम में कार्यक्रम की शुरुआत गणोश वंदना से हुई। फिर लंगा बंधुओं ने गोरबंद गीत को खूबसूरती से पेश किया।
गोरबंद ऊंट को सजाने के लिए काम आने वाली वस्तु है। इसमें उन्होंने ऊंट की व्याख्या, चाल को रागों के साथ प्रस्तुत किया। समदा नृत्यांगना ने भंवई नृत्य किया, जिसे बच्चों ने खूब पसंद किया। इसमें सिर पर सात मटके रखना, नीचे झुककर नोट को उठाना और नंगे पैर तीन तलवारों पर खड़े होकर नृत्य करना रोमांच भरा था।
फिर लहरिया और निम्बुड़ा- निम्बुड़ा गीत से राजस्थान की लोक कला का अहसास कराया। इसमें कमायचा पर अनवर खां ने बखूबी साथ निभाया। तेरह ताली नृत्य में समदा और हंसीबाई ने बाबा रामदेव की भक्ति को नृत्य के जरिए पेश किया। भूट्टे खां और नेहरू खां ने मांड गीत ‘केसरिया बालम’ में अपनी असरदार गायकी से रागों का सौंदर्य श्रोताओं के सामने सहजता से पेश किया।
सूफियाना अंदाज के गीत ‘दमादम मस्त कलंदर’ से वे गायकी के सम्मोहन के चरम पर पहुंच गए। इसमें उन्होंने कल्पनाशीलता का समावेश करते हुए गायकी के विभिन्न खूबसूरत पहलुओं को उजागर किया। कार्यक्रम का अंत कालबेलिया नृत्य ‘चम चमके चूंबड़ी बंजारन’ गीत से हुआ। सहसंयोजक राजीव परियानी ने बताया कि स्कूल डायरेक्टर प्रदीप गौड़ ने आभार जताया।
रानी की प्रस्तुति 29 को
स्पिक मैके के संयोजक अशोक जैन ने बताया कि विश्व नृत्य दिवस 29 अप्रैल है। इस दिन सुबह 10 बजे महावीर नगर स्थित एमबी इंटरनेशनल स्कूल में बिरजू महाराज की शिष्या रानी खानम प्रस्तुति देंगी।