नई दिल्ली. अमेरिका के साथ असैनिक परमाणु समझौते का समर्थन करते हुए पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ब्रजेश मिश्र ने कहा है कि यदि समझौता नहीं हुआ तो यह भारत की छवि के लिए काफी बड़ा नुकसान होगा।
मिश्र ने सीएनएन-आईबीएन पर प्रसारित साक्षात्कार में कहा, 'मेरे विचार से हमें समझौते के लिए आगे बढ़ना चाहिए।' मिश्र ने कहा कि हमें इसमें दोहरे उपयोग वाली तकनीक नहीं मिलेगी लेकिन इसे खारिज नहीं किया जा सकता है। इस विवादास्पद मुद्दे पर उनके बयान को बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मिश्र न केवल पूर्व राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधंन [एनडीए] सरकार में सुरक्षा सलाहकार थे बल्कि वह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के भी काफी करीबी है। भारतीय जनता पार्टी और वाम दलों द्वारा परमाणु समझौते के विरोध को मिश्रा ने राजनैतिक प्रश्रन् बताते हुए कहा कि मेरा निजी विचार है कि यदि परमाणु समझौता नहीं हुआ तो यह इसका नकारात्मक प्रभाव भारत के ऊपर पड़ेगा।
उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका का अगला राष्ट्रपति चाहे डेमोक्रेट हो या रिपब्लिकन, परमाणु समझौता करना काफी मुश्किल होगा क्योंकि तब समझौते को नए सिरे से तैयार करना होगा।