नई दिल्ली: देश के चारों महानगरों को जोड़ने वाली बहुप्रचारित स्वर्णिम चतुर्भज मार्ग योजना का पहला चरण आखिरकार पूरा हो गया है। इससे पहले इसे बना रहा राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम(एचएचडीपी) दो बार तय समय सीमा पर काम पूर्ण करने में असफल रहा था।
ज्ञातव्य है सड़क यातायात और राजमार्ग मंत्रालय की पिछले साल दी गई सीमा पर पहले चरण का 97 प्रतिशत काम पूरा हो चुका था। इसमें चार महानगरों को जोड़ने वाले 6,359 किलोमीटर लंबे राजमार्ग का नवीनीकरण का काम भी शामिल था।
स्वर्णिम चतुर्भुज योजना दिसंबर 2000 को प्रारंभ हुई थी। पहले तय समय सीमा के तहत इसे जून 2004 तक पूरा होना था। लेकिन इस अवधि तक केवल 29 प्रतिशत काम ही पूरा हो पाया था।
इसके बाद इसकी समय सीमा दिसंबर 2005 तक रखी गई थी, लेकिन इस समयावधि तक भी काम पूरा नहीं हो पाया था।
इसके बाद इस काम में और विलंब न होने देने के लिए एक संसदीय समिति ने एक राज्य स्तरीय को आर्डिनेटर की नियुक्ति की सिफारिश की थी ताकि इसमें आ रही भूमि अधिग्रहण की प्रमुख समस्या से निपट जा सके। उसने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से हर प्रोजेक्ट की मासिक प्रगति रिपोर्ट देने की सिफारिश की थी।