भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड द्वारा प्रारंभ किए गए इंडियन प्रीमियर लीग की शुरुआत सफल रही है। लेकिन इसके बावजूद टीमों के फ्रेंचाइजी अधिकार खरीदने वाले मालिक और खिलाड़ी इस लीग के भविष्य को लेकर बेचैन हैं।
8 हजार करोड़ रुपए के आईपीएल ने क्रिकेट की दुनिया में धूम मचा दी है। क्रिकेट से बॉलीवुड और देश के बड़े-बड़े कॉरपोरेट घरानों को जोड़ने का मुख्य उद्देश्य लाभ कमाना ही है। आखिरकार आठों टीमों को देश के कॉरपोरेट हस्तियों द्वारा ही स्थापित किया गया है। अगर यह कंपनियां क्रिकेट के इस आयोजन को बहुत ज्यादा आकर्षक नहीं पाती हैं, तो उन्हें यह सुविधा दी गई है कि वो इन टीमों में अपनी हिस्सेदारी को तत्काल बेच सकती हैं। इसलिए इनकी कोशिश है कि अपनी-अपनी टीमों की ब्रांड वेल्यू तुरंत बना दें। कोलकाता नाइट राइडर्स टीम का फ्रेंचाइजी अधिकार खरीदने वाले शाहरुख खान ने यह स्पष्ट भी कर दिया है कि अगर उन्हें पहले साल लाभ नहीं होता है, तो वह आगे से टीम को प्रमोट नहीं करेंगे।
टीम का फ्रेंचाइजी अधिकार खरीदने वाले एक उद्योगपति का यह विश्वास है कि अगले साल कुछ टीमों के मालिकों के स्तर पर बदलाव हो सकता है। उन्होंने कहा है ‘टीमों का अधिकार खरीदने वाले सभी मालिक धन कमाने के लिए इतने लंबे समय तक धैर्य बनाए नहीं रह सकते, ब्रांड पर ध्यान दिए बगैर जो टीमें और खिलाड़ी पहले साल अच्छा प्रदर्शन करते हैं वो आगे इसका लाभ उठा सकते हैं।
उदाहरण के तौर पर इस टूर्नामेंट का पहला हफ्ता खिलाड़ियों की कीमतों और उनके द्वारा किए गए प्रदर्शन में हलका सा ही संबंध स्थापित कर पाया है। इस लीग की सबसे कम दाम वाली तीन टीमों- राजस्थान, दिल्ली और कोलकाता का पहले सप्ताह प्रदर्शन शानदार रहा। वहीं पहले सप्ताह सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले तीनों खिलाड़ी- हेडन, हसी और वार्न कुछ महीने पहले खिलाड़ियों की हुई नीलामी में साधारण कीमतों पर खरीदे गए थे। हालांकि अभी इस संबंध में कुछ कहना जल्दबाजी होगा, लेकिन भविष्य में खिलाड़ियों की कीमतों में काफी बदलाव देखने को मिल सकता है।
इस बीच अगर क्रिकेट के संदर्भ में देखा जाए तो ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों एंड्रूय सायमंड्स, जेम्स होप्स, ब्रेट ली और डेविड हसी ये कुछ ऐसे नाम हैं जिनका प्रभाव साथ खेल रहे स्थानीय खिलाड़ियों पर पड़ना तय है, जोकि अब तक इनके प्रभाव से बिलकुल मुक्त थे।
हेडन, हसी और सायमंड्स ने तो अपने खेल से आईपीएल में अपनी उपयोगिता साबित कर दी है, पर पोटिंग और गिलक्रिस्ट को अभी लीग के मैचों पर अपना प्रभाव छोड़ना है। जबकि ब्रेडन मैक्कुलम, मार्क बाउचर, ग्रीम स्मिथ और कुमारा संगकारा को अपनी कीमत के अनुसार प्रदर्शन करना अभी बाकी है। इसी तरह वीवीएस लक्ष्मण, सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ को इस खेल की स्पीड के मुताबिक अभी अपने को ढालना है। लेकिन इस लीग में अब तक सफल रहे भारतीय खिलाड़ी वीरेंद्र सहवाग, रोहित शर्मा, महेंद्र सिंह धोनी, हरभजन सिंह, इरफान पठान, यूसुफ पठान और पीयूष चावला कमोबेश वही नाम हैं,जो कि ट्वेंटी-20 विश्व कप में खेले थे।