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खत्म होती जा रही है सहनशीलता..

जालंधरनोक-झोंक को रिश्तों का गर्म-मसाला माना जाता है। हर रिश्ते में नोक-झोंक तो होती ही है फिर पति-पत्नी के प्यारे पर नाजुक रिश्ते को संभाल कर रखना जरुरी हो जाता है। पर विचारों में मतभेद बढ़ जाए तो सिलसिला शुरु हो जाता है रिलेशन में दरार आने का। आज की फास्ट ट्रैक लाइफ में नोक-झोंक का कारण जाना सिटी रिपोर्टर ने।

वर्किग कलचर होने की वजह से पत्नी चाहती हैं कि उनके पति उनके घरेलू काम में भी हाथ बटाएं। इनमें सबसे बड़ा कारण है ज्वॉएंट फैमिलीस का ना होना पहले घर के बड़े झगड़े को सुलझा देते थे लेकिन अब सिंगल फैमिलीज होने की वजह से ये बढ़ जाते है क्योंकि सुलझाने वाला कोई नहीं है।

-पूनम विरदी, टीचर

पति-पत्नी में नोक-झोंक होना तो आम बात है लेकिन अक्सर ऐसी नोक-झोंक छोटी सी बात पर ही होती है। अधिकतर लोगों में टाइमिंग प्रॉब्लम को लेकर ही बात आगे बढ़ती है क्योंकि कपल अपने काम में इतना बिजी होता है कि वे अपनी वाइफ और फैमली को उतना समय नही दे पाते जितना देना चाहिए। जिस वजह से वे अपनी बातें भी पूरी तरह से शेयर नहीं कर पाते और उनके मन में छुपी बातें नोक-झोंक के जरिये सामने आती हैं और झगड़े में बदल जाती हैं।

नीरू अग्रवाल, प्रोफैशनल

छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा होना कोई नई बात नहीं इस तरह के झगड़े तो हर परिवार में होते ही रहते है लेकिन कुछ परिवारों में ये छोटे-छोटे झगड़े बड़े झगड़ों में बदल जाते हैं। इस तरह के झगडों के मुद्दें भी कुछ खास नहीं होते। दरअसल ये झगड़े एक दूसरे पर पूरा विश्वास न होने या किसी मिस ेअडर स्टैंडिंग की वजह से होते हैं। कई बार इनके बढ़ने का कारण भी मिस अंडरस्टैंडिंग ही रहती है क्योंकि कई लोग बात आराम से समझ कर सुलझाने की कोशिश ही नहीं करते।

शिवाली मल्हौत्रा, डॉक्टर

जब पति-पत्नी एक दूसरे की बात को अच्छे से समझ नहीं पाते तो उनकें बीच एक अटूट दरार बन जाते है। उनके विचार भी नहीं मिलते और वे एक दूसरे की बात को काटने लगते है और यहीं से रिश्तों में शुरु हो जाता है आपसी रंजिश का सिलसिला।

शशि गुप्ता, हाउस वाइफ





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