इटारसी. भारत यात्रा पर निकले कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने मध्यपद्रेश यात्रा के दौरान रविवार को होशंगाबाद जिले के आदिवासी बहुल जामुनडोल पंहुचे। यहां के किसान सुखनंदन के घर महुए के पेड़ के नीचे राहुल ने कुछ देर इस इलाके के एनजीओ कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों से बातचीत की। इसके बाद वे ऊबड़-खाबड़ रास्ते से होते हुए आबादीपुरा गांव पहुंचे। यहां के किसान देवेश की पत्नी प्रमिला बाई ने उनका तिलक किया।
मेजबान देवेश और प्रमिला बाई की सारी तैयारियां धरी की धरी रह गई। यहां तक कि देवेश राहुल गांधी से मुलाकात भी नहीं कर पाया। तयशुदा कार्यक्रम के तहत कांग्रेस महासचिव उनके घर खाना खाने वाले थे, लेकिन वे बिना खाना खाए ही रवाना हो गए। दरअसल गांव पंहुचने पर मेजबान के घर ग्रामीणों आदिवासियों की काफी भीड़ जमा हो गई थी। भीड़ में जब कई सवाल उठने लगे तो राहुल गांधी वहां से रवाना हो गए।
बताया गया कि वे हाईवे 69 पर शहर के नजदीकी गांव पथरोटा स्थित पावरग्रिड कारपोरेशन के रेस्ट हाउस में रात गुजारेंगे। सूत्रों के मुताबिक सोमवार सुबह नौ बजे शहर के 12 बंगला स्थित रेलवे इंस्टीट्यूट मैदान से हेलिकॉप्टर द्वारा उनके धार, झाबुआ या खरगौन जाने की संभावना है।
महात्मा गांधी आ रहे हैं : गांव की चौपाल पर बैठा 70 वर्षी नन्नू को यही पता था कि गांव में महात्मा गांधी आ रहे हैं। बकरियां चरा रहे बुजुर्ग चरवाहा मुल्ला बोला- मुख्यमंत्री। स्कूल नहीं जाने वाले पिंटू और उसके साथियों को यह मालूम था कि कोई मंत्री आ रहे हैं। गांव के बुजुर्ग इंदिरा गांधी को जितना जानते हैं, सोनिया-राहुल को उतना नहीं।
चप्पे-चप्पे पर था सुरक्षा इंतजाम : एसपीजी का घेरा और सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती चारों तरफ थी। इस इलाके को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया गया था। मीडिया कर्मियों के इस इलाके में जाने की मनाही थी। हाईवे 69 समेत सुखतवा से आबादीपुरा तक एंबुलेंस और पुलिस की गाड़ियां दौड़ रही थीं।
काला आखर रेलवे क्रासिंग पर रायफलधारी पुलिस थी। सिर्फ पासधारी वाहनों और उस पार के गांवों में रहने वाले लोगों के नाम पते व गाड़ी नंबर दर्ज कर जाने दिया जा रहा था जबकि नजदीकी काला आखर स्टेशन पर पैंसेंजर गाड़ियों से उतरने वाले यात्रियों से पूछताछ की कोई सुध नहीं ली गई। सुखतवा से छीतापुरा के बीच चलने वाली टैक्सियां बंद थी। जामुनडोल में महुए के पेड़ के नीचे और आबादीपुरा में घर के पीछे खेत में पुलिस ने डेरा जमा रखा था।
गांव के घरों से लेकर 25 किमी के दायरे में हाईवे पर पुरानी इटारसी तक के मकान दुकानों का गोपनीय सर्वे किया गया था। दोपहर में पुलिस ने आबादीपुरा में देवेश के घर के सामने मेटल डिटेक्टर लगवा दिया पर एसपीजी ने एतराज कर बागड़ के पास इसे लगाने को कहा। सुखतवा स्कूल के पास बनाए गए हेलीपेड पर तीन हेलीकाप्टर के उतरने का प्रबंध था। शाम सात बजे राहुल गांधी का हेलीकाप्टर उतरा तो गांव के लोग उत्साहित हो गए।