भोपाल. राजधानी में पहली बार आल इंडिया इंजीनियरिंग एंट्रेंस एक्जामिनेशन (एआईईईई) में शामिल होने आए छात्रों और उनके अभिभावकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रवेश-पत्रों में कालेज के नाम और पते की गलतियों की भरमार रही। कुछ पते तो ऐसे थे, जिनमें बताए गए मोहल्ले भोपाल में है ही नहीं। गफलत और ऊहापोह के बीच लगभग दस हजार छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हो सके।
परीक्षा केंद्रों की आनन-फानन में व्यवस्था किए जाने के कारण वहां छात्रों और अभिभावकों के लिए माकूल इंतजाम नहीं थे। महाराष्ट्र और गुजरात के कई छात्रों का परीक्षा केंद्र भोपाल बना दिए जाने के कारण जो छात्र अपने अभिभावकों के साथ पहली बार भोपाल आए, उन्हें परीक्षा केंद्र ढूंढ़ने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
अंत में जब वे किसी तरह परीक्षा केंद्र पहुंचे तो उन्हें देरी से आने के कारण प्रवेश नहीं मिल सका। उधर परीक्षा के समन्वयक वीके श्रीवास्तव ने बताया कि परीक्षा शुरु होने के 15 मिनट बाद तक जो छात्र परीक्षा केंद्र पर पहुंच गए थे, उन्हें प्रवेश दिया गया।
रेलवे का पर्चा परीक्षा से पहले बाहर
रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा रविवार को आयोजित रेलवे असिस्टेंट लोको पायलट की भर्ती परीक्षा का पर्चा परीक्षा शुरू होने के एक घंटे पहले बाहर आ गया। हालांकि कल रात से ही पर्चा आउट होने की भनक मिलने पर पुलिस ने होटलों में छापे मारे लेकिन पर्चा रेलवे की विजिलेंस टीम को परीक्षा शुरू होने के एक घंटे पहले मिला। इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।