सारनी. शुक्रवार को बिरसिंहपुर में ठप हुई चार इकाइयों से एमपीपीजीसीएल ठीक से उबर भी नहीं पाया कि शनिवार रात सारनी की सात इकाइयां एक साथ बंद हो गई हैं। 62.5 मेगावाट क्षमता वाली एक से पांच तक की छोटी इकाइयां रविवार दोपहर तक चालू हो पाईं, वहीं 200 और 210 मेगावाट क्षमता वाली इकाइयों के पुन: चालू होने में कम से कम 24 घंटे का समय लगेगा।
सतपुड़ा थर्मल पावर प्लांट की इकाइयों के ठप होने से प्रदेश में जारी बिजली संकट और गहरा गया है। सारनी प्लांट की कुल उत्पादन क्षमता 1142.5 मेगावाट है। कोयले की कमी के चलते प्लांट से बिजली का उत्पादन पहले ही घटा दिया गया था। करीब साढ़े आठ सौ मेगावाट बिजली बना रहे सारनी प्लांट में शनिवार को रात करीब 1.15 बजे 220 केबी के स्वीच यार्ड की करंट मेजरमेंट करने वाली सीटी भर्स्ट हो गई। जिसके कारण सीटी से जुड़ी सात उत्पादन इकाइयों सहित जनरेटर और फ्रीजर भी बंद हो गए।
घटना के बाद एकदम से हरकत में आए प्लांट प्रबंधन ने करीब 10 घंटे की मशक्कत के बाद 62.5 मेगावाट उत्पादन क्षमता वाली 1 से 5 तक की इकाइयों को पुन: चालू कर लिया। 200 मेगावाट क्षमता वाली 6 नंबर इकाई को भी चालू करने की कोशिश की गई, लेकिन ट्यूब लीकेज के कारण इकाई बंद करनी पड़ी। चीफ इंजीनियर एसआर रघु के मुताबिक 6 नंबर यूनिट को सोमवार दोपहर तक और 7 नंबर यूनिट को चालू करने में समय लग सकता है।
रविवार दोपहर 12 बजे तक चालू हो पाई प्लांट की छोटी पांच इकाइयां करीब 200 मेगावाट और 8 और 9 नंबर की दो बड़ी इकाइयां मिलकर करीब साढ़े तीन सौ मेगावाट बिजली का उत्पादन कर पाई। इस तरह प्लांट का उत्पादन साढ़े पांच सौ मेगावाट के आसपास आकर ठहर गया है।