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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. विद्युत मंडल कर्मचारी/अभियंता समन्वय समिति के मुताबिक केरल, तमिलनाडू, बिहार, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और मेघालय जैसे राज्यों में अभी तक वहां के बिजली बोर्ड का विखंडन नहीं हुआ है। सभी को अधिक से अधिक समय दिया जा रहा है जबकि छत्तीसगढ़ को एक-एक माह का समय दिया जा रहा है। समन्वय समिति के पीएन सिंह ने कहा कि जिन राज्यों में बिजली बोर्ड का विखंडन हुआ है, वहां स्थिति पहले से और खराब हुई है।
इस बारे में अधिकारी-कर्मचारी समन्वय समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे 3 मई को रायपुर आ रहे हैं। अभा बिजली महासंघ के महामंत्री शंकरराव पहाड़े नागपुर से और पश्चिमी क्षेत्र बिजली मंडल अभियंता संघ के महामंत्री विनय पांडे जबलपुर से यहां आएंगे।
वे बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों से 3 मई को विखंडन के संबंध में चर्चा करेंगे। उसी दिन शाम 7.30 बजे बिजली बोर्ड अभियंता संघ को संबोधित करेंगे। 4 मई को अभा अधिवक्ता परिषद छत्तीसगढ़ की रायपुर इकाई ने छत्तीसगढ़ बिजली बोर्ड के पुनगर्ठन के औचित्य विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया है।
26 अप्रैल को हुई समन्वय समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि विभिन्न स्थानों में समन्वय समिति की बैठक बुलाकर बिजली कर्मचारियों विखंडन से होने वाले दुष्परिणामों से अवगत कराया जाए। 4 मई के बाद विभिन्न स्थानों पर कर्मचारी और अभियंता समन्वय समिति की बैठक रखी जाएगी। आंदोलन की रुपरेखा तैयार करेंगे। 17 मई को समन्वय समिति की बैठक कोरबा में होगी।