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ट्रेन के इंजन से कार भिड़ी, पांच मरे

रायपुर/ आरंग. collision आरंग इलाके में रसनी और बोरिद के मध्य बिना फाटक की रेलवे लाइन पर रविवार सुबह 11.30 बजे एक ट्रेन के इंजन से तेज रफ्तार मारुति कार भिड़ गई। हादसे में कार सवार पांच लोगों की मौत हो गई। तीन घायल हैं, जिन्हें अस्पताल में दाखिल कराया गया है। मृतक गुढ़ियारी रायपुर के एक ही परिवार के हैं।

पुलिस के अनुसार मंगलबाजार गुढ़ियारी के महादेव साहू के परिवार के आठ लोग सुबह मारुति कार से ग्राम बोरिद (आरंग) रिश्तेदारों से मिलने जा रहे थे। बोरिद से बमुश्किल आधा फलांग पहले उनकी कार को ट्रेन की लाइट इंजन ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि इंजन से टकराने के बाद कार करीब 35 फुट ऊपर उछली और लहराते हुए नीचे गिरी।

हादसे में महादेव के पुत्र योगेश की पत्नी रश्मि साहू (27) व बेटी प्रांजल (4), मोक्ष कुमारी साहू (बसंती) (35), किमाक्षी साहू(28) तथा कुकी साहू (2) ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। किमाक्षी साहू योगेश के बड़े भाई कुलेश साहू की पत्नी है। कुकी उनकी बच्ची थी।

पुलिस ने बताया कि मोक्ष साहू के पति का नाम कुंदन है। वे योगेश के भाई हैं। दुर्घटना में योगेश साहू(35), भूमिका साहू (15) और प्रार्ची साहू (8) बुरी तरह जख्मी हैं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

अफसरों ने बताया कि गुढ़ियारी निवासी महादेव साहू के सात बेटे हैं। उन सभी का विवाह हो चुका है। रेलवे में इंजीनियर योगेश अपनी पत्नी और बच्चों के साथ सुबह करीब साढ़े दस बजे कार (सीजी04-5864) से बोरिद के लिए रवाना हुए थे। उनकी भाभी और बहू के अलावा उनके बच्चे भी साथ थे। गाड़ी योगेश साहू चला रहा था।

इंजन चालक ने दुर्घटना के बाद थोड़ी देर रुककर हालात का मुआयना किया। फिर इंजन लेकर लखौली चला गया। लखौली स्टेशन से उसने रेलवे के कंट्रोल रूम को खबर दी। उसके बाद रेलवे का अमला हरकत में आया। आनन-फानन में मंदिर हसौद रेलवे स्टेशन से रिलीफ ट्रेन भेजी गई। पुलिस के अलावा रेलवे ने भी घटना की जांच शुरु कर दी है। रेलवे सूत्रों ने बताया कि लाइट इंजन मंदिर हसौद से लखौली स्टेशन ले जाया जा रहा था।

अनुमान गलत निकला
रेलवे सुरक्षा बल और पुलिस को आशंका है कि योगेश ने ट्रेन के इंजन को दूर से देख लिया था। इंजन की गति देखकर उन्होंने यही अंदाजा लगाया कि वह इंजन आने से पहले ही पटरी पार कर दूसरी ओर निकल जाएंगे। योगेश का अनुमान गलत निकला।

इंजन की रफ्तार इतनी तेज थी कि दूर होने के बावजूद वह ठीक उसी समय क्रासिंग पर पहुंचा, जब कार वहां आई। वाल्टेयर लाइन पर हादसा जिस मानव रहित रेलवे क्रासिंग पर हुआ वहां झाड़ियां नहीं है। सड़क के रास्ते से आने वाले को 100 मीटर दूर से ही पटरी दिखाई देने लगती है। ऐसी दशा में यह संभावना नहीं है कि योगेश ने इंजन को नहीं देखा होगा।

बिखरी पड़ी थीं लाशें
हादसे की सूचना मिलने के बाद जिस समय पुलिस घटनास्थल पहुंची, कार रेलवे पटरी से 30 फीट दूर खेत में थी। कार के चारों चक्के ऊपर थे और पूरी बाडी पिचकी हुई थी। बेसुध योगेश कार के सामने हिस्से में थे। किसी महिला की लाश कार से 10 फीट तो किसी की लाश 5 फीट दूर थी।

बच्चे का शव भी दूर पड़ा था। हादसे में घायल अन्य लोग भी दूर-दूर छिटके थे। इससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि कार काफी ऊंची उछली थी। जमीन पर आने से पहले उसके दरवाजे खुल गए और तमाम लोग इधर-उधर फेंका गए।





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