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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. ग्रामीणों की समस्याएं पूछना कई जगहों पर सुराज दलों को महंगा पड़ रहा है। ऐसा ही एक वाकया रविवार को मस्तूरी ब्लाक के ग्राम उड़नताल में हुआ, जहां ग्रामीणों ने दल को बंधक बना लिया। इसी तरह रलिया में पेंशन के मामले तत्काल निपटाने की मांग करते हुए ग्रामीणों ने दल को रोक लिया। खबर मिलते ही प्रशासनिक हलके में हड़कंप मच गया और काफी मान-मनौव्वल के बाद दल को छोड़ा गया।
सुराज अभियान के दौरान दल प्रभारी पीके मिश्रा, ग्राम प्रभारी और सहायक प्रभारी ने आज उड़नताल में ग्रामसभा ली। इस गांव के ग्रामीणों को उम्मीद थी कि दल के अफसर उनकी समस्याओं का तत्काल निराकरण कर देंगे। करीब 100 से अधिक ग्रामीणों ने विभिन्न मांगों से संबंधित आवेदन दिए। इनमें किसी ने पेंशन की मांग की थी तो किसी ने राशन कार्ड, इंदिरा आवास या अन्य सुविधाओं की।
इन सभी आवेदनों का निराकरण जिला स्तर पर होना है, लिहाजा सभी आवेदन समेटकर शाम को दल के सदस्य वापस जाने लगे। यह देखते ही ग्रामीण भड़क उठे। उनका कहना था कि सुराज दल सभी आवेदनों का तत्काल निराकरण करे और जो मांगें की गई हैं, उनके लिए अभी आदेश जारी करे। हड़बड़ाए अधिकारियों ने उन्हें समझाया कि वे आवेदन लेकर जिला मुख्यालय जाएंगे और उनका निदान करवाएंगे, लेकिन ग्रामीण नहीं मानें।
आखिरकार एसडीएम संजय अग्रवाल व यहां के प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई। इधर बंधक बनाने की खबर मिलते ही मस्तूरी पुलिस को उड़नताल रवाना किया गया। इसी बीच एसडीएम श्री अग्रवाल ने मोबाइल पर ग्रामीणों से चर्चा की और उन्हें बताया कि सुराज दलों का काम केवल समस्याएं सुनना है, समाधान करना नहीं।
आवेदनों पर कार्रवाई बिलासपुर के कार्यालयों से की जाएगी। इसके बाद अंतत: ग्रामीणों ने दल के सदस्यों को छोड़ा और वे वापस लौटे। इसी तरह एक अन्य मामला मस्तूरी क्षेत्र के ही ग्राम रलिया में हुआ। यहां के लोगों ने पेंशन संबंधी आवेदनों पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग को लेकर सुराज दल को रोक लिया। काफी समझाने के बाद वे शांत हुए।
पंचायत भवन में बंद किया दल के सदस्यों को
गौरेला.
ग्राम भदौरा में तालाब गहरीकरण न होने से नाराज ग्रामीणों ने सुराज दल के सदस्यों को ग्राम पंचायत भवन के कमरे में बंद कर दिया। पिछली बार सुराज अभियान में भदौरा के ग्रामीणों ने दुलहरा तालाब गहरीकरण के लिए आवेदन दिया था। एक वर्ष बाद भी इस पर कोई कार्य नहीं हुआ। इससे क्षुब्ध ग्रामीणों ने रविवार को सुराज दल को बंधक बना लिया। दल के सदस्य देर शाम अंधेरे का फायदा उठाकर वहां से निकले।