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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. गृहमंत्री रामविचार नेताम के पायलट पुत्र सूर्यप्रकाश के सड़क हादसे में निधन के चलते रविवार को छत्तीसगढ़ स्कूल मैदान में आयोजित भाजपा का संभागीय सम्मेलन गमगीन माहौल में स्थगित करना पड़ा। वरिष्ठ नेताओं ने बिलासपुर सहित रायगढ़, जांजगीर एवं कोरबा से पहुंचे 1000 कार्यकर्ताओं से औपचारिक परिचय किया और मनमुटाव भुलाकर चुनावी तैयारियों के एक होकर जुटने की नसीहत दी। राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री सौदान सिंह एवं मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह नेताम पुत्र की अत्येष्टि में जाने के कारण यहां नहीं पहुंचे।
सूर्यप्रकाश नेताम के निधन की खबर सुबह मिलते ही पार्टी कार्यकर्ता पसोपेश में थे। राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामलाल प्रदेश के चुनाव प्रभारी रविशंकर प्रसाद सहित नेताओं को लेकर एसईसीएल हेलीपेड पर सुबह 10 बजे उतरने वाला राजकीय हेलीकाप्टर डेढ़ घंटे देर से उतरा। स्वागत के लिए पहुंचे कार्यकर्ताओं को रामलाल ने गमी की सूचना दे दी।
उन्होंने बताया कि शोक व्यक्त करने रायपुर में गृह मंत्री के निवास जाने पर स्वयं रामविचार नेताम ने सम्मेलन जारी रखने का आग्रह किया। इसके बाद आला नेताओं ने वहीं मशवरा कर सम्मेलन स्थगित करने का निर्णय कर डाला। बहरहाल भाजपा के आला नेताओं ने कार्यकर्ताओं की उपस्थिति का पूरा उपयोग किया।
प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने अध्यक्षीय प्रतिवेदन में सीधे शोक व श्रृद्धांजलि का प्रस्ताव रखा, इसके बाद सम्मेलन स्थगित कर दिया गया। औपचारिक उद्बोधन में प्रदेश के चुनाव प्रभारी रविशंकर प्रसाद ने बातों ही बातों में समझा दिया कि बिलासपुर से दिल्ली तक माहौल भाजपा के पक्ष में है। थोड़ा जोर लगाकर हम चुनावी बाजी मार लेंगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता का विश्वास आज भी भाजपा के साथ है।
रमन सरकार उस विश्वास पर खरी उतरते आई है। इसे आगे भी बनाए रखने की जरूरत है। श्री प्रसाद ने कहा कि पूर्व में केंद्र की एनडीए सरकार के पक्ष में अच्छा वातावरण था। चुनाव में यूपीए सरकार फ्लिक (अचानक) करके आ गई, परंतु जनता ने 4 साल की कमरतोड़ महंगाई में सब कुछ जान समझ लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा पर देश ही नहीं, पूरी दुनिया की निगाहें लगी हुई हैं।
अटल सरकार के छह साल के कार्यकाल ने लोगों को अहसास करा दिया है कि भाजपा ही भारत को बुलंदी पर ले जा सकती है। राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामलाल ने कार्यकर्ताओं की नब्ज थामते हुए कहा कि परिवार में मनमुटाव हो, तो भी उसे विद्रोह की स्थिति में नहीं लाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम सबकी बात सुनेंगे, परंतु अनुशासनहीनता ठीक बात नहीं होगी। कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए श्री रामलाल ने नेपोलियन का उदाहरण देते हुए कहा कि भारी-भरकम फौज को सामने देखकर भी उसने सैनिकों को यह कहकर संबल दिलाया कि वे अकेले सवाल लाख सैनिकों के बराबर हैं। युद्ध रणनीति से जीती जाती है।
कार्यक्रम का संचालन प्रदेश महामंत्री धरमलाल कौशिक ने किया। इस मौके पर प्रदेश प्रभारी धर्मेद्र प्रधान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष करुणा शुक्ला, राष्ट्रीय मंत्री सरोज पांडे, संगठन मंत्री रामप्रताप, स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष पुन्नूलाल मोहले, डिप्टी स्पीकर बद्रीधर दीवान, उच्च शिक्षा मंत्री डा. कृष्णमूर्ति बांधी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति राज्य मंत्री सत्यानंद राठिया, सांसद गुहाराम अजगले, गोपाल व्यास, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नारायण चंदेल, विधायक ननकीराम कंवर, विजय अग्रवाल, चोवादास खांडेकर, महिला मोर्चा की प्रदेशाध्यक्ष शैलबाला वर्मा, जिला मंत्री जवाहर साहू, संभागीय संगठन मंत्री रूपनारायण सिन्हा, जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, महामंत्री राजा पांडे, नगर अध्यक्ष शंकर रजक, मनहरण लाल पांडे, बलिहार सिंह सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।
मंत्री, सांसद व विधायकों को सीख
भाजपा के आला नेताओं द्वारा रोष कम करने के लिए मंत्री, सांसद, विधायकों को खुद होकर कार्यकर्ताओं से उनकी समस्याएं पूछने, उनका असंतोष दूर करने की नसीहत का असर कहीं नजर नहीं आया। मंत्री अपने समर्थकों के साथ एयरकंडीशन्ड कमरों तथा शेष कार्यकर्ता लू के बीच छत्तीसगढ़ भवन के बरामदे में टहलकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर दिखे।
लजीज भोजन भी कम न कर सका असंतोष
छत्तीसगढ़ भवन में मजमा जमा रहा गिला-शिकवा बयान करने वाले कार्यकर्ताओं का। गुटबंदी से अछूता नहीं रहा भाजपा का सम्मेलन।
पत्तल में पनीर, मिक्स वेज, रस मलाई, लीची, आम का पना और बर्फ का पानी भी भाजपा के असंतुष्ट कार्यकर्ताओं के रोष का पारा कम नहीं कर सका। संगठन की छड़ी कहे जाने वाले रामलाल का इशारा मिलते ही कार्यकर्ता भाजपा के संभागीय सम्मेलन स्थल छत्तीसगढ़ स्कूल से निकलकर छत्तीसगढ़ भवन की ओर कूच कर गए।
दहलीज पर खड़ी चुनावी चुनौती के मद्देनजर नेताओं ने कार्यकर्ताओं की भड़ास सुनने का पहले ही मन बना लिया था, परंतु छत्तीसगढ़ भवन में एक साथ प्रदेश के दिग्गजों के सामने खुलकर बातें सामने नहीं आ सकीं। यह बात अलग है कि रामलाल एवं चुनाव प्रभारी रविशंकर प्रसाद ने एकांत में मिलने वालों के लिए भी समय देने की पेशकश की, परंतु नेताओं की नजरों से होकर अलग बात करना बहुतों ने गवारा नहीं किया।
खबर है कि कार्यकर्ताओं ने अपने हिसाब से पार्टी में गुटबंदी, उपेक्षा की शिकायत रखी। जूदेव समर्थक एक पदाधिकारी ने साफ कहा कि आयोग का सदस्य होने के बावजूद उन्हें सम्मेलन में नहीं बुलाया गया। सदस्यता भी उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की अनुसंशा से मिली है।
जिले में कोर ग्रुप में गौरेला, पेंड्रा एवं मरवाही को प्रतिनिधित्व न देने, तीनों स्थानों में नवनिर्र्मित भवन, निर्माण कार्यो के लोकार्पण लंबित होने जैसी कई शिकायतें की गईं। पड़ोसी जिले कोरबा में चुनावी रणनीति बदलने की हिमायत की गई। मंत्री पद से हटाए गए ननकीराम कंवर ने नेताओं के सामने अपना असंतोष प्रकट होने नहीं दिया, और गुटबंदी से साफ इनकार कर दिया।
2 मई को एनडीए की हड़ताल: पार्टी नेताओं ने चुनावी पारा गर्माने के लिए दिल्ली से मिले दो कार्यक्रमों को जोर शोर से सफल बनाने की अपील की। इसमें एनडीए की ओर से 2 मई को देशभर में महंगाई के खिलाफ आयोजित हड़ताल व 10 मई को शहीद नमन दिवस शामिल है। हड़ताल में आवश्यक सेवाओं को छोड़कर अन्य जगहों पर शतप्रतिशत काम ठप करने का आह्वान किया गया है।