News
Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. दो दिनों पहले बिजौर मार्ग पर खेत में मिली साइंस कालेज के बुक लिफ्टर की लाश का मामला पुलिस ने सुलझा लिया है। आए दिन की अश्लील हरकतों से तंग आकर उसके मित्र ने ही लोहे की मूसली से वार कर उसकी हत्या कर दी थी।
सरकंडा पुलिस के अनुसार चांटीडीह निवासी 45 वर्षीय मिथिलेश
देवांगन पिता जेठूराम साइंस कालेज में बुक लिफ्टर था। चांटीडीह में ही रहने वाला प्रदीप सोनी पिता जगदीश प्रसाद वहीं पर पान ठेला और एसटीडी बूथ चलाता है। उसका मिथिलेश से काफी पहले से परिचय था। दोनों के बीच मित्रता धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। दोनों में संबंध स्थापित हो गया। दोनों अकेले में मिलते थे और मिथिलेश, प्रदीप के साथ अश्लील हरकतें करता था।
आए दिन की हरकतों से वह तंग आ गया था और उसने कई बार यह सब बंद करने के लिए भी कहा, लेकिन वह मानने के लिए तैयार नहीं था। तंग आकर उसने मिथिलेश को जान से मारने का फैसला किया। 24 अप्रैल की रात मिथिलेश अपनी हीरो पुक में उसके पास आया और उसे साथ चलने के लिए कहा। इस पर वह अपने घर से लोहे की मुसली भी साथ में छिपाकर ले गया।
दोनों ने चांटीडीह से मूंगफली, ककड़ी, टमाटर, मूली आदि खरीदी। राजकिशोर नगर स्थित अंग्रेजी शराब दुकान से बीयर व शराब ली। फिर वे बिजौर रोड स्थित खेत में पहुंचे और वहां बैठकर शराब पीने लगे। रात लगभग 8:30 बजे शराब पीने के बाद मिथिलेश ने फिर से अश्लील हरकतें शुरू कर दीं। उसने अपनी पैंट उतार ली और प्रदीप को खींचने लगा। तभी उसने अपने पास छिपाकर रखी मूसली निकालकर उसके सिर पर वार कर दिया। इससे वह गिर पड़ा। इसके बाद उसने लगातार दो-तीन वार किए। उसकी मौत हो जाने के बाद वह पैदल ही वहां से भाग निकला।
वह सीधे अपने घर गया, लेकिन हत्या करने की बात सोचकर वह बेचैन था। अगले दिन सुबह उसने अपने पिता को बताया कि उसके हाथों मिथिलेश का खून हो गया है। फिर वह फरार हो गया। उसके पिता ने एसपी प्रदीप गुप्ता के पास पहुंचकर उन्हें इस बारे में जानकारी दी। पुलिस ने प्रदीप की खोजबीन शुरू की।
जानकारी मिली कि वह कटनी अंतर्गत लोहारा बारा में अपनी बुआ मुनिया के घर छिपा हुआ है। इस पर पुलिस ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपना गुनाह कबूल लिया। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लोहे की मूसली व खून से सने कपड़े पुलिस ने बरामद कर लिए हैं।
हड़बड़ी में बदल गई थी चप्पल
घटना से पहले शराब पीने से पहले दोनों ने अपनी चप्पलें उतार ली थी। हत्या के बाद भागते समय अंधेरे और हड़बड़ी की वजह से प्रदीप ने मिथिलेश की चप्पल पहन ली और अपनी चप्पल वहीं छोड़ गया। अगले दिन वारदात का पता चलने के बाद मृतक के पुत्र ने बताया था कि चप्पल उसके पिता की नहीं है। पुलिस ने प्रदीप के पास से उसकी चप्पल भी बरामद कर ली है।
होली के बाद से बना था संबंध
दोनों के बीच मित्रता तो काफी समय से थी, लेकिन होली के बाद से दोनों के बीच संबंध स्थापित हो गया था। तब से ही मिथिलेश उसके साथ अश्लील हरकतें करता था। इससे तंग आकर अंतत: उसने उसकी हत्या कर दी।