जयपुर. प्रदेश में मौसम आग उगल रहा है। पिछले एक सप्ताह से अधिकांश हिस्सों में लू चल रही है। तेज गर्मी सबसे ज्यादा बच्चों पर कहर ढा रही है। उनका स्कूल जाना दुश्वार हो गया है। मौसमी बीमारियों के कारण रविवार को तीन बच्चों सहित चार जनों की मौत हो गई।
उदयपुर संभाग की सर पदमपत सिंघानिया यूनिवर्सिटी ने तेज गर्मी के कारण समर ब्रेक घोषित कर दिया है और सैकंड सेमेस्टर की परीक्षाएं भी आगे बढ़ा दी हैं। फिलहाल प्रदेश के किसी स्कूल ने प्रचंड गर्मी के कारण ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की है।
धौलपुर की बसेड़ी तहसील के खरगपुर गांव के रामेश्वर की डेढ़ वर्ष की पुत्री नेहा व बाड़ी तहसील के गांव बिलौनी के रामू की पुत्री को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इन्हें तेज गर्मी के कारण डायरिया, बुखार, जुकाम व खांसी की शिकायत थी। दोनों को शिशु वार्ड में भर्ती किया गया। बाद में दोनों ने दम तोड़ दिया। जिले के सैंपऊ, बसईनवाब, राजाखेड़ा में भी तेज गर्मी का कहर जारी है।
धौलपुर में रविवार को तापमान 45 डिग्री के करीब रहा। बारां जिले के सीसवाली में भी 11 माह की बालिका की गर्मी ने जान ले ली। टोंक जिले के अरनिया नील निवासी रंगलाल सांसी ने दम तोड़ दिया। यह टोंक से सामान खरीदकर घर आने के लिए वाहन का इंतजार कर रहा था। इस बीच गर्मी के कारण बेहोश हो गया और कुछ देर बाद ही दम तोड़ दिया। उदयपुर के परसाद क्षेत्र के खेर की नाल में एक वयस्क मादा पैंथर का शव पड़ा मिला।
पैंथर का शव उदयपुर के पशु चिकित्सालय भिजवाया गया है। माना जा रहा है कि इसकी मौत गर्मी, लू व भूख के कारण हुई। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी गर्म हवाओं से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। बाड़मेर में रविवार को दिन का तापमान 44 डिग्री से ज्यादा रिकॉर्ड किया गया। जैसलमेर, शेखावाटी, कोटा व जोधपुर में दिनभर झुलसाने वाली हवाएं चलती रहीं। जयपुर को दोपहर दो बजे बाद गर्म हवाओं ने आगोश में ले लिया।
अलवर में करीब दो बजे अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। गर्मी के कारण बाजार में लोगों की संख्या कम रही।