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तहसीलदार को जुर्माने का अधिकार नहीं

अजमेर. राजस्व मंडल के सदस्य गिरीशकुमार पांडे ने शनिवार को तीन रिवीजन पिटीशन का एक साथ निस्तारण करते हुए भीलवाड़ा की बनेड़ा तहसील के तहसीलदार की ओर से अवैध खनन के मामलों में लगाई गई लगभग छह लाख रुपए की पेनल्टी निरस्त कर दी।

पांडे ने पहली पेशी पर ही सुनवाई कर फैसले में माना कि तहसीलदार अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कलेक्टर या एसडीओ के निर्देशानुसार फौजदारी कार्रवाई अमल में ला सकते है, लेकिन पेनल्टी वसूलने का अधिकार केवल कलेक्टर को ही है।

दोनों पक्षों की दलील
याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि खनन कानून के तहत बने एमएमसी रूल्स और लैंड रेवेन्यू एक्ट में कहीं भी यह प्रावधान नहीं है कि तहसीलदार पेनल्टी वसूल सकता है, इसलिए आदेश निरस्त किया जाए। दूसरी ओर सरकारी पक्ष की दलील थी कि अनधिकृत कब्जे और अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार सरकार को है और इस नाते तहसीलदार ने रेवेन्यू अर्जित करने के लिए पेनल्टी वसूलने की कार्रवाई की है, जो कि सही है।

अदालत का फैसला
राजस्व मंडल के सदस्य गिरीशकुमार पांडे ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद एमएमसी रूल्स और लैंड रेवेन्यु एक्ट के प्रावधानों की विस्तृत व्याख्या करते हुए माना कि समय-समय पर तहसीलदारों को सरकार की ओर से अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन एमएमसी रूल्स के तहत यह निर्देश नियमों की गलत व्याख्या के चलते दिए जाते हैं।

तहसीलदार अवैध खनन करने वालों के खिलाफ एसडीओ या कलेक्टर की पूर्व अनुमति से संबंधित फस्र्ट क्लास मजिस्ट्रेट के समक्ष परिवाद दायर कर सकते हैं, लेकिन उन्हें अपने स्तर पर दंड देने या पेनल्टी लगाने का अधिकार नहीं है।

अनधिकृत खनन के मामले में पेनल्टी लगाने का अधिकार कलेक्टर को है, लेकिन वे भी निर्धारित रेट के अनुसार ही पेनल्टी लगा सकते हैं। बैंच ने तीनों रिवीजन मंजूर करते हुए पेनल्टी निरस्त कर दी, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि लैंड रेवेन्यु एक्ट और एमएमसी रूल्स के तहत कार्रवाई के लिए सरकार स्वतंत्र है।

मामला, एक नजर..
बनेड़ा तहसील के ग्राम रघुनाथपुरा में अवैध खनन के तीन अलग-अलग मामलों में तहसीलदार ने लाखों रुपए पेनल्टी वसूलने के आदेश जारी किए। इस आदेश के खिलाफ रामचंद्र सहित तीन व्यक्तियों ने पहले सहायक कलेक्टर और खान निदेशक के समक्ष अपील दायर की, वहां राहत नहीं मिलने पर राजस्व मंडल में पिटीशन दाखिल की।





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