इस्लामाबाद. मौत की सजा पाए भारतीय नागरिक सरबजीतसिंह के मामले में एक मुख्य गवाह ने कहा है कि उस पर सरबजीत के खिलाफ गवाही देने के लिए दबाव बनाया गया था।
गवाह शौकत सलीम ने कहा कि अदालत में सरबजीत के खिलाफ बोलने के अलावा उसके पास कोई चारा नहीं था।
एक एजेंसी की खबर के मुताबिक लाहौर निवासी सलीम ने एक भारतीय टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि न तो मैंने सरबजीत को कभी देखा था और न ही मुझे यह भरोसा था कि वह विस्फोटों में शामिल हो सकता हैं।
शौकत सलीम ने यहाँ तक कहा कि ताकतवर लोग भी पुलिस से डरे होते हैं। सरकारी वकील ने मुझे बताया कि इस आदमी ने विस्फोट किए और वह दोषी है। वकील ने मुझसे कहा कि मुझे भी ऐसा ही कहना है और मैंने कहा।
सलीम के पिता और अन्य रिश्तेदार भी एक बम विस्फोट में मारे गए थे। उसने बताया कि जब उसको अदालत में लाया गया तो उसने न्यायाधीश को बताया कि सरबजीत ने ही विस्फोट किए थे। सलीम के मुताबिक न्यायाधीश ने मुझे सुना और जाने दिया।
सलीम ने बताया कि जब मैं अदालत मे गवाही दे रहा था तो सरबजीत ने मुझसे कहा था कि मैं कुरान पर हाथ रखकर कहूँ कि मैंने उसे विस्फोट करते हुए देखा है।