मुंबई:
चीयरलीडर्स को लेकर हो रहे विवाद में सोमवार को शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे भी शामिल हो गए हैं। उन्होंने कहा है कि चीयरलीडर्स क्रिकेट की भावना से खिलवाड़ है। आयोजक क्रिकेट मैदान को डांस बार में तब्दील कर रहे हैं।
सेना चीफ ने अपने मुखपत्र सामना के संपादकीय में लिखा कि वे अच्छे खेल और संगीत के प्रेमी हैं। यही उनके प्रसन्नचित व्यक्तित्व का राज है। क्रिकेट से तो उनका विशेष जुड़ाव रहा है, लेकिन यह तब तक ही जब तक मैदान में क्रिकेट ही खेला जाए।
अब तो यह खेल पूरी तरह बदल गया है लोग मैदान में चीयरलीडर्स को बुलाकर दर्शकों को बहका रहे हैं।
ठाकरे सीनियर ने कहा कि जब पॉली उमरीगर, दिलीप सरदेसाई, अजीत वाडेकर, सलीम दुर्रानी और सुनील गावस्कर जैसे खिलाड़ी मैदान में खेलते थे तो पूरा स्टेडियम खुशी से झूम उठता था। उस समय किसी को मैदान में चीयरलीडर्स लाने का ख्याल भी नहीं आता था।अब तो यह पता ही नहीं चलता कि लोग स्टेडियम में क्रिकेट खेलने आते हैं या फिर चीयरलीडर्स को।
ठाकरे ने चीयरलीडर्स को बैन करने में महाराष्ट्र सरकार की आनाकानी पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य में जब किसान आत्महत्या को मजबूर हैं तब भी लोग मैदान में चीयरलीडर्स को बुलाकर डांस करवा रहे हैं।
उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार को आड़ हाथों लेते हुए कहा कि वे अपने ही गृहराज्य के किसानों को आत्महत्या करने से रोकने में असफल रहे।