लंदन.
मलेरिया की जांच की एक नई विधि का विकास कर लिया गया है। यह नई तकनीक मौजूदा जांच तकनीकों के मुकाबले सस्ती और तेज गति वाली है।
एक्सटर विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा खोजी गई इस तकनीक में एक यंत्र का प्रयोग किया जाता है जो एक मिनट के भीतर परिणाम बता देता है।
लगभग दो वर्षो में तैयार की गई इस ‘मैग्नेटो-आप्टिक तकनीक’ (एमओटी) के द्वारा रक्त में ‘हेमोजॉइन’ का पता लगाया जाता है जो मलेरिया के परजीवी का अपशिष्ट है।
अबतक मलेरिया की जांच में प्रयुक्त होने वाली ‘आरडीटी तकनीक’ में जांच के लिए रसायन का प्रयोग किया जाता है।
महंगा होने के साथ-साथ इस रसायन को एक निश्चित तापमान पर रखना होता है जो गर्म देशों में कठिन है। शोधकर्ता डेव न्यूमैन ने कहा, ‘हमारे शोध के शुरुआती परिणाम सकारात्मक हैं।’