Sports
Other Sports Other Sports नई दिल्ली:
भारतीय हॉकी फेडरेशन(आईएचएफ) प्रमुख केपीएस गिल को आखिरकार हटा दिया गया है। इसके साथ ही पूरे आईएचएफ को ही सस्पेंड कर दिया गया है। भारतीय ओलिंपिक सघ ने आज यह निर्णय लिया।
इससे पहले आईएचएफ के महासचिव ज्योतिकुमारन को चयन के लिए एक खिलाड़ी से रिश्वत लेते टीवी में पकड़े जाने के बाद संघ को चौतरफा आलोचना का शिकार होना पड़ा था।
इसकी के मद्देनजर भारतीय ओलिंपिक संघ ने आज यह आपातकालीन बैठक बुलाई थी। इस बैठक में खुद केपीएस गिल को भी आमंत्रित किया गया है।
कलमाड़ी ने पूर्व हॉकी खिलाड़ी असलम शेर खान के नेतृत्व में राष्ट्रीय हॉकी की देखरेख के लिए एक कमेटी का गठन किया है। इसमें अजीत पाल सिंह, अशोक कुमार, धनराज पिल्ले और जफर इकबाल को भी शामिल किया गया है। रिक चाल्सवर्थ चयन समिति के सलाहकार होंगे।
हॉकी हलकों में खुशी की लहर दौड़ी: हॉकी के तानाशाह केपीएस गिल के हटने से हॉकी प्रमियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। हॉकी की देखभाल के लिए नियुक्त कमेटी के सदस्य अशोक कुमार ने कहा है कि वे हॉकी की बेहतरी के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने हॉकी को गिल के चंगुल से छुड़ाने में मीडिया के योगदान की सराहना की।
क्यों हटाए गए गिल: कलमाड़ी ने गिल को हटाकर आईएचएफ को भंग करने के तीन कारण गिनाए। पहला ज्योतिकुमारन के रिश्वत प्रकरण से संस्था की साख धूल में मिल गई थी। अंतर्राष्ट्रीय हॉकी फेडरेशन ने इस संगठन के मुखिया गिल को हटाने को कहा था अन्यथा उसने विश्वकप हॉकी की मेजबानी छीनने की धमकी दी थी जिसमें खुद एफआईएच भी सह आयोजक है। तीसरा 2010 के कामनवेल्थ खेलों के मद्देनजर भारतीय ओलिंपिक संघ दुनिया को बताना चाहता है कि उसके खेल संघ निष्पक्ष हैं।