नई दिल्ली.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज गुजरात, पंजाब और दिल्ली जैसे संपन्न राज्यों में घटते लिंग अनुपात पर चिंता व्यक्त की। साथ ही उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या को ‘अमानवीय और असामाजिक’ करार दिया।
दिल्ली में लड़की बचाओ विषय पर आयोजित एक राष्ट्रीय बैठक का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि पिछली जनगणना ने घटता लिंग अनुपात दिखाया था। हमारे देश में पैत्रिक समाज की वजह से लड़कियों और महिलाओं के ख़िलाफ़ पक्षपाती रवैया बन गया है।
प्रधानमंत्री का कहना था कि यह शर्मनाक है और हमें इस चुनौती को स्वीकार करना होगा।
सिंह ने कहा कि यह विडंबना है कि यह असमानता हमारे देश के सबसे समृद्ध राज्यों पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और गुजरात में सबसे ज्यादा है।
मनमोहन ने कहा कि बालिका भ्रूण-हत्या की प्रवृत्ति घृणित कार्य है। बालकों को वरीयता दिया जाना ऐसी मूल्यहीनता है जिसे कुछ चिकित्सक लिंग निर्धारण परीक्षण जैसी सेवा देकर बढ़ावा दे रहे हैं।
प्रधानमंत्री के कहा कि समाज में फैली सामंती मानसिकता और पुत्र की चाह कन्याओं के लिए सबसे ज्यादा घातक साबित होती है। उनके अनुसार हमारे समाज में कन्याओं के प्रति भेदभाव उनके पैदा होने से पहले ही शुरू हो जाता है।
उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या को सबसे अमानवीय, असामाजिक और निंदनीय परंपरा बताया।