मुंबई. दो महीने पहले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे द्वारा बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन के खिलाफ बयानबाजी करने के मामले में अब बिग-बी ने खुलकर जुबान खोली है और राज ठाकरे पर पलटवार करते हुए कहा है कि वे होते कौन हैं, मेरे बारे में कुछ कहने वाले? न तो वे सरकार हैं और न ही न्यायपालिका के कोई सदस्य।
एक टीवी चैनल से विशेष तौर पर बातचीत करते हुए अमिताभ ने कहा कि उनसे कहा जाता रहा है कि एक उत्तर भारतीय होने के नाते वे यहां रह नहीं सकते या काम नहीं कर सकते तो मैं यह पूछना चाहता हूं कि किस हैसियत से राज ठाकरे यह बयानबाजी कर रहे हैं क्योंकि न तो वे सरकार में हैं और न ही कानून व्यवस्था के कोई अंग।
अमिताभ ने संविधान में भरोसा जताते हुए कहा कि जो कानून और संविधानसम्मत है, वे उसका पालन करने को तैयार हैं लेकिन इस तरह की अनर्गल बयानबाजी कतई बर्दाश्त नहीं की जा सकती। अमिताभ ने पिता हरवंश राय बच्चन की कविता की पंक्ति से राज को दिया जवाब :
कहने की सीमा होती है, सहने की सीमा होती है
कुछ मेरे भी वश में है, कुछ सोच-समझ
अपमान करो मेरा...
गौरतलब है कि राज ठाकरे द्वारा अमिताभ बच्चन पर क्षेत्रवाद के आरोप लगाए जाने के बाद महाराष्ट्र में उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के समर्थकों ने निशाना बनाया था।
राज ऐसे तो न थे :
राज ठाकरे के साथ अपने रिश्तों के बारे में अमिताभ ने साफ तौर पर कहा कि वे उनसे पहले भी कई बार मिल चुके हैं और बीते वक्त में राज उनके पैर छू चुके हैं और कई बार श्रद्धा जता चुके हैं। लेकिन इस तरह का बदलाव उनमें कैसे आया, यह तो भगवान ही जाने।
शत्रुघ्न को भी करारा जवाब :
अमिताभ बच्चन ने चैनल से कहा कि आरोप लगाने वाले शत्रुघ्न सिन्हा किसी ऐसी स्थिति में नहीं हैं कि उनकी बातों को गंभीरता से लिया जाए और अगर मेरे परिवार के खिलाफ कोई कुछ कहता है तो मेरा कर्तव्य है कि मैं उसका जवाब दूं और मैं दे चुका हूं। उल्लेखनीय है कि शत्रु ने आईफा अवॉर्डस के सिलसिले में कहा था कि पुरस्कार जीतने वाला किसी का बेटा है या किसी की बहू है।
अमिताभ ने शत्रु की इस सलाह को भी खारिज किया कि वे रिटायर हो जाएं। अमिताभ ने कहा कि वे किसी से पूछकर फिल्म इंडस्ट्री में नहीं आए थे और किसी के कहने पर वे जाएंगे भी नहीं।