Sports
Other Sports Other Sports नई दिल्ली. भारतीय हॉकी महासंघ(आईएफएच) से हटाए गए केपीएस गिल की योग्यता 2010 में दिल्ली में होने जा रहे राष्ट्रमंडलीय खेलों के समय काम आएगी।
भारतीय ओलिंपिक महासंघ(आईओए) के अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी ने मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए यह बात कही। कलमाड़ी ने कहा ‘गिल एक सम्मानित पुलिस अधिकारी रहे हैं और उन्होंने देश के लिए काफी कुछ किया है, लेकिन हॉकी महासंघ को निलंबित करने का यह निर्णय हमने भारतीय हॉकी के हित को ध्यान में रखते हुए ही लिया है।’
गौरतलब है कि एक स्टिंग ऑपरेशन में हॉकी महासंघ के महासचिव ‘ज्योतिकुमारन घूस घोटाले’ के सामने आने के बाद आईएफएच पर कार्रवाई करने के लिएआईओए पर सरकार और अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ का जबर्दस्त दबाव था।
हॉकी टीम बनेगी ‘चक दे इंडिया’ की तरह
आईएचफ को निलंबित कर गठित की गई तदर्थ समिति के अध्यक्ष असलम शेर खान ने एक समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा है कि भारतीय हॉकी टीम को फिल्म ‘चक दे इंडिया’की टीम की तरह मजबूत बनाया जाएगा।
खिलाड़ियों का पूल
पूर्व ओलिंपियन असलम शेर खान के अनुसार टीम के चयन के लिए 50 से 60 खिलाड़ियों का एक पूल बनाया जाएगा और खिलाड़ियों का चयन इस पूल में से ही किया जाएगा।
पारदर्शिता को प्राथमिकता
पूर्व ओलिंपियन असलम शेर खान ने समाचार एजेंसी को बताया कि उनकी प्राथमिकता चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और व्यवहारिकता को लाने की होगी। उनके अनुसार गिल के समय में बेवजह दरकिनार किए गए लेन अयप्पा, गगन अजीत सिंह, अजरुन हलप्पा और प्रबोध टिर्की के बारे में भी टीम चयन के समय विचार किया जाएगा।
खेल नर्सरियों में सुधार
असलम शेर खान ने यह भी कहा कि हॉकी की गढ़ रही पुरानी नर्सरियों भोपाल, संसारपुर, लखनऊ और चेन्नई को फिर से पुनर्जीवित किया जाएगा।
क्रिकेट से मुकाबला नहीं
आईएफएच भंग कर बनाई गई तदर्थ समिति के अध्यक्ष असलम शेर खान के अनुसार क्रिकेट से हॉकी कोई मुकाबला नहीं है। हम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर हॉकी को एक बार फिर से देश में लोकप्रिय बनाने की कोशिश करेंगे।
हारने के लिए भाग नहीं लेंगे
असलम शेर खान ने इस बात की ओर भी इशारा किया कि भारतीय हॉकी टीम अब कम अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट खेलेगी। खान के अनुसार टीम उसी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भाग लेगी जिसके लिए वह अच्छे से तैयार होगी। टीम हारने के लिए सभी टूर्नामेंटों में हिस्सा नहीं लेगी।