इंदौर.
परिवहन विभाग से काटजू कॉलोनी निवासी दर्शनलाल लोकवानी का लाइसेंस बना, इसमें लाइसेंस जारी होने की तारीख 24 मार्च, 08 बताई गई जबकि इसकी वैधता 3 अक्टूबर 1994 लिख दी। लाइसेंस में और भी कई जगह गड़बड़ियां हुईं, पता भी गलत लिख दिया- काटजू की जगह ‘टिकाजू’ कर दिया गया। परिवहन विभाग के कर्मचारी और एजेंटों के अनुसार स्मार्ट कार्ड से जारी लाइसेंस में भारी गड़बड़ियां आती हैं। इसके चलते ज्यादातर लाइसेंस को फिर से बनवाना पड़ता है, लोगों को भी चक्कर लगाना पड़ते हैं।
हर महीने चार हजार से ज्यादा लाइसेंस बनते हैं, इसमें से कई में गड़बड़ियां आती हैं, किसी में नाम गलत, तो किसी में पता, तो किसी में लाइसेंस जारी होने की तारीख। एआरटीओ आरपी बिरथरे ने कहा लाइसेंस में गड़बड़ियों की शिकायत आएगी तो जांच करवाएंगे और स्मार्ट कार्ड सेक्शन पर कार्रवाई होगी।
अक्षरों का आकार बड़ा होगा
आरटीओ गिरीशमोहन पाठक के अनुसार लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन पर कई बार छोटे अक्षरों को पढ़ने में परेशानी होती है इसलिए स्मार्ट कार्ड से अक्षरों का साइज बड़ा करने के लिए कहा गया है। स्मार्ट कार्ड बाहर से आते हैं, नए कार्ड आएंगे उसमें साइज बड़ा होगा।