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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. पार्षद के घर पथराव और बलवा का एक आरोपी सुनवाई के दौरान कोर्ट से भाग गया। कोर्ट ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। इधर मामले के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीम दिन भर क्षेत्र का चक्कर काटती रही। मंगलवार को भी घटना की वजह से क्षेत्र में तनाव रहा।
सोमवार को टिकरापारा में हुई घटना के बाद धारा 452, 147, 294, 506, 323 के तहत दयालबंद निवासी 22 वर्षीय रामेश्वर केसरी पिता लक्ष्मीकांत केसरी व उसके भाई सुजीत केसरी को गिरफ्तार किया गया। मंगलवार की दोपहर लगभग 1 बजे दोनों आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हिरेन्द्र सिंह तेकाम की कोर्ट में पेश किया गया। मामले की सुनवाई चल रही थी और दोनों आरोपी कटघरे में खड़े थे। अचानक रामेश्वर केसरी वहां से चंपत हो गया।
आसपास उसकी तलाश की गई, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। कोर्ट से आरोपी के गायब हो जाने से पुलिसकर्मियों के बीच हड़कंप मच गया। कुछ ही देर में यह बात जंगल की आग की तरह फैल गई। काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका कोई पता नहीं चला तो कोर्ट ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। वहीं दूसरे आरोपी सुजीत को रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इधर मामले के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सिटी कोतवाली पुलिस की टीम मंगलवार को पूरे दिन दयालबंद इलाके में गश्त करती रही।
मंगलवार को भी घटना की वजह से पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल रहा। उल्लेखनीय है कि टिकरापारा के पार्षद जुगलकिशोर गोयल के घर पर सोमवार को कुछ लोगों ने पथराव कर दिया। साथ ही घर के अंदर घुसकर वहां मौजूद लोगों के साथ मारपीट भी की। पथराव करने आए युवकों ने घर में मौजूद महिलाओं को भी नहीं बख्शा। दोनों पक्ष रिपोर्ट लिखाने थाने पहुंचे।
वहां पर पुलिस अफसरों की मौजूदगी में दोनों पक्ष के युवक आपस में भिड़ गए। उनके बीच कई बार मारपीट की स्थिति बनी। स्थिति को संभालने के लिए शहर के सभी थानों की टीम के साथ लाइन से अतिरिक्त बल मंगवाना पड़ा। पुलिस ने दोनों पक्षों की रिपोर्ट पर बलवा का अपराध दर्ज कर लिया है।