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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. शहर के विकास के लिए अब नया मास्टर प्लान तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है लेकिन 13 साल बीतने के बाद भी पुराने मास्टर प्लान की मिनी ट्रांसपोर्ट नगर योजना का अभी तक फाइलों में दफन है। लगता है कि ऐसी प्रस्तावित योजनाओं का उपयोग सिर्फ वाह-वाही लूटने के लिए किया जाता है।
क्यों जरूरी हैं मिनी ट्रांसपोर्ट नगर
शहर के प्रवेश द्वारों से आने वाले हैवी ट्रैफिक व माल वाहक वाहनों को शहर की सीमा के पास मिनी ट्रांसपोर्ट नगर में स्थान मिल जाता। यहां यह वाहन चालक अपने वाहनों की मरम्मत कर सकते थे। साथ ही गोदामों में माल उतार सकते थे। इससे शहर के अंदर भारी वाहनों की आवक-जावक कम हो जाती और ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार होता। फिलहाल वाहनों को शंकरपुर के पास मुख्य ट्रांसपोर्ट नगर में जाना पड़ता है। अभी जिन वाहन चालकों को शहर में काम नहीं है उन्हें भी शहर के अंदर से वाहन लेकर मुख्य ट्रांसपोर्ट नगर जाना पड़ता है।
कहां-कहां बनने हैं मिनी ट्रांसपोर्ट नगर
पहला मिनी ट्रांसपोर्ट नगर झांसी रोड रेलवे अंडर ब्रिज के पास प्रस्तावित है, दूसरा शिवपुरी लिंक रोड व तीसरा भिंड रोड पर महाराजपुरा में प्रस्तावित है। इन तीनों मिनी ट्रांसपोर्ट नगरों को बनाने के लिए पांच-पांच हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता है। जिन स्थानों पर मिनी ट्रांसपोर्ट नगर प्रस्तावित है वहां, कुछ जमीन सरकारी है और शेष जमीन प्रशासन को भू-अर्जन के जरिए अधिग्रहण करना पड़ेगी।
कौन करेगा योजना का क्रियान्वयन
मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 38 के अंतर्गत मास्टर प्लान की योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी विकास प्राधिकरण की है। ग्वालियर विकास प्राधिकरण (जीडीए) को मिनी ट्रांसपोर्ट नगर योजना का क्रियान्वयन करना है। इसके लिए जीडीए को पहले स्कीम का प्रकाशन करना होगा। आपत्तियों के निराकरण के बाद भू-अर्जन की कार्रवाई होगी, उसके बाद मिनी ट्रांसपोर्ट नगर का विकास होगा। जीडीए के पास वित्तीय संसाधनों की कमी है और जमीन भी उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा जीडीए ने इंदौर या उज्जैन की तरह विकास की नई योजनाओं का प्रकाशन भी नहीं कराया है।
लोहा मंडी योजना की भी रफ्तार सुस्त
जीडीए अध्यक्ष जगदीश शर्मा की पहल पर लोहा मंडी के लिए व्यापारियों ने 1.50 करोड़ रुपए से अधिक राशि जीडीए में जमा कर दी है। जीडीए ने चिरवाई नाका पर छह हेक्टेयर जमीन इस योजना के लिए आरक्षित कर दी है। जीडीए ने यहां भू-खंड आवंटन सहित अन्य व्यवस्थाओं के लिए राज्य शासन से मार्गदर्शन मांगा है। फिलहाल इस योजना के क्रियान्वयन की रफ्तार भी सुस्त है। इस योजना के क्रियान्वयन से शिवपुरी लिंक रोड पर प्रस्तावित मिनी ट्रांसपोर्ट नगर का उद्देश्य कुछ हद तक पूरा हो जाएगा।
औद्योगिक विकास होगा : रावल
आल इंडिया लारी आनर आपरेटर एसोसिएशन के स्टेट को-आर्डिनेटर लेखराज रावल का कहना है कि महाराजपुरा में मिनी ट्रांसपोर्ट नगर बनने से कानपुर की तरफ से आना वाले भारी वाहनों को माल ट्रांजिट व डिलीवरी करने के लिए स्थान मिल जाएगा। इससे महाराजपुरा का आद्यौगिक विकास भी होगा। इसी तरह शिवपुरी लिंक रोड व झांसी रोड के मिनी ट्रांसपोर्ट नगर बनने से शहर का फायदा होगा। इसके अलावा शहर में ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा। प्रशासन को इस योजना के क्रियान्वयन पर ध्यान देना चाहिए।