जयपुर: बढ़ता तापमान नौनिहालों पर सितम ढाने लगा है। डॉक्टरों के अनुसार भले ही मां-बाप या टीचर उन्हें इस गर्म माहौल से बचाने में कोर-कसर नहीं छोड़ें, लेकिन इसके बावजूद 40 डिग्री से अधिक तापमान में घर से स्कूल का सफर ही बच्चों की जान पर आफत बनने के लिए पर्याप्त है। उधर अभिभावकों ने भी सरकार से स्कूलों का समय कम करने के बजाय पूरी छुट्टी करने की मांग उठाई है। इसके लिए अभिभावकों ने जागरूकता अभियान चलाने की घोषणा भी की है।
घर के माहौल से कई नसीहतों के साथ बच्चे बाहर कदम रखते हों, लेकिन स्कूली माहौल में खाने-पीने में जरा-सी चूक से उनका नाजुक शरीर हीट स्ट्रोक, खांसी-जुकाम, डायरिया जैसी मौसमी बीमारियों की चपेट में आ सकता है। यहां तक कि ब्लडप्रेशर और गुर्दे जैसी भयंकर बीमारियां भी उनको चपेट में ले सकती हैं।
वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव जैन कहते हैं कि बच्चे के घर-स्कूल और सफर का तापमान एकदम जुदा होता है, जिसे उसका नाजुक शरीर सहन नहीं कर पाता। यह उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम कर देता है। इससे दूसरी बीमारियां भी उसको आसानी से जद में ले लेती हैं। साथ ही घर से स्कूल तक का सफर तय करने में उसकी फिजिकल एक्टीविटी ज्यादा होती है, जिससे शरीर में ऑक्सीजन-पानी की कमी होती है।
कभी-कभार पढ़ाई के अलावा खेल-कूद में बच्च भूखा-प्यासा रह जाता है, जो कभी भी खतरा बन सकता है। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. निर्मल शर्मा बताते हैं कि बच्चों को ऑटो या बस में वेग के साथ गर्म हवा लगती है, जिससे उनकी त्वचा सनबर्न की शिकार होती है। इसके अलावा आंखों पर लू के थपेड़े पड़ने से कार्निया डेमेज होने का खतरा भी बनता है।
कहा नहीं मानने वाले स्कूलों पर गिरेगी गाज : भीषण गर्मी को देखते हुए शिक्षा मंत्री कालीचरण सराफ ने सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी किए है कि तमाम सरकारी एवं गैर सरकारी स्कूल सुबह 7 से 10 बजे तक ही बच्चों को स्कूल में रखेंगे। जारी निर्देशों के अनुसार कलेक्टर अपने जिलों में यह व्यवस्था सुनिश्चत करेंगे। अगर कोई स्कूल इन निर्देशों पर अमल करता हुआ नहीं मिला तो कलेक्टर के माध्यम से स्कूलों पर कार्रवाई होगी।
बच्चों पर अत्याचार : जयपुर जिला वैश्य महासम्मेलन के अध्यक्ष आनंद महरवाल ने कहा कि तापमान बढ़ने से छोटे बच्चों को परेशानी हो रही है। उनके स्कूलों में छुट्टी घोषित हो जानी चाहिए।
शिक्षा के साथ स्वास्थ्य भी आवश्यक : जामा मस्जिद के सचिव हाजी अनवर शाह ने कहा कि स्कूलों में छुट्टी होनी चाहिए। शिक्षा के साथ स्वास्थ्य को भी ध्यान में रखना चाहिए।
यह नया चलन गलत है : राजस्थान ब्राम्हण महासभा महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष शारदा शर्मा ने कहा इतनी गर्मी में स्कूलों की छुट्टी कर देनी चाहिए। स्कूलों में गर्मी में पढ़ाई कराने का नया चलन गलत ही है।
दो माह की छुट्टियां अवश्य हो : राजस्थान प्रदेश पंजाबी महासभा के जिला अध्यक्ष रवि नैयर ने कहा कि बच्चे नन्ही कलियां हैं, जो गर्मी में मुरझा जाएंगे। इस भीषण गर्मी में कम से कम दो माह की छुट्टियां तो रखनी चाहिए, जिससे गर्मी में बच्चों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।