जयपुर: शहर में जितनी मांग है, उसकी तुलना में 600 लाख लीटर कम पानी की सप्लाई हो रही है। हर व्यक्ति को निर्धारित मापदंडों से 100 लीटर से भी कम पानी मिल रहा है।
शहर में गर्मी बढ़ते ही पानी की मांग बढ़ गई है, लेकिन जलदाय विभाग के इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे है। दो दर्जन से ज्यादा इलाकों में लोगों को पेयजल की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। शहर के लगातार गिरते भू-जल स्तर की वजह से 400 से ज्यादा ट्यूबवेल अपनी क्षमता से आधा पानी ही दे पा रहे हैं। विभाग कागजी तौर पर एक ट्यूबवेल से 2.25 से 2.40 लाख लीटर पानी की रोजाना आपूर्ति बता रहा है, जबकि विशेषज्ञों का कहना है कि एक ट्यूबवेल से एक दिन में 1.5 लाख लीटर से भी कम पानी मिल पा रहा है।
हालत यह है कि जलदाय विभाग की समर कंटीजेंसी स्कीम -2007 (द्वितीय) की आगमेंटेशन स्कीम में 57 करोड़ रुपए खर्च करने के बावजूद लोगों को पूरा पानी नहीं मिल पाएगा। शहर में 86 से ज्यादा ट्यूबवेल सूख चुके हैं तथा इतने ही ट्यूबवेल दम तोड़ने के कगार पर हैं, जबकि इस योजना में केवल 142 ट्यूबवेल ही बनाए जाएंगे।
30 फीसदी पानी का लीकेज शहर में जलदाय विभाग का दावा मानें तो रोजाना 3956 लाख लीटर पानी की सप्लाई हो रही है, लेकिन इसमें से भी 25 से 30 फीसदी पानी लीकेज के रूप में बह जाता है। ऐसे में लोगों को 2800 लाख लीटर पानी ही मिल पाता है। दावा 148 लीटर का, मिलता है 100 लीटर जलदाय विभाग के मापदंडों के अनुसार हर शहरी व्यक्ति को कम से कम 150 लीटर पानी मिलना चाहिए। विभाग का दावा है कि 148 लीटर पानी दिया जा रहा है, जबकि वास्तव में 27.25 लाख लोगों तक 2800 लाख लीटर पानी ही पहुंच पा रहा है। ऐसे में हर व्यक्ति को 101 लीटर पानी ही मिल पाता है। शास्त्रीनगर निवासी दिनेश खांडल ने बताया कि 100 लीटर में कूलर व नहाने-धोने का काम कैसे चलाएं। कई बार तो हैडपंप से पानी भरकर लाना पड़ता है।
यहां है पानी की किल्लत हसनपुरा, शांतिनगर, शास्त्रीनगर, मुरलीपुरा, ब्रrापुरी, चारदरवाजा, लक्ष्मीनारायणपुरी, रामगंज, सुभाष चौक, जौहरी बाजार, किशनपोल बाजार, मोतीडूंगरी रोड, जवाहरनगर, आदर्शनगर, ट्रंसपोर्टनगर, ईदगाह, नाहरी का नाका, झोटवाड़ा सहित अन्य इलाके। इन इलाकों में एक व्यक्ति को 50 से 80 लीटर पानी ही मिल पाता है।
योजनाएं पूरी हों तो बढ़े पानी 340 लाख लीटर अतिरिक्त पानी की सप्लाई के लिए मंजूर समर कंटीजेंसी स्कीम का काम अभी अधूरा है। इसके अलावा कंवर नगर पेयजल योजना, शास्त्रीनगर पेयजल योजना, सी-स्कीम पेयजल योजना, बाईजी की कोठी पेयजल योजना व मालवीयनगर सेक्टर-2 पेयजल योजना अभी कागजों में ही सिमटी हुई है। यह योजना पूरी हो तो शहर में 600 लाख लीटर पानी की अतिरिक्त बढ़ोतरी होने की संभावना है।