जयपुर: शहर के प्रमुख पर्यटक बाजार के रूप में तैयार होने से पूर्व ही जलेब चौक पर बीस जनों ने कोर्ट का स्टे ले लिया। स्टे होने से करीब तीन सौ भावी शोरूम और दुकानों पर कानूनी अड़चन आ गई है। आमेर विकास एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एडीएमए) की देखरेख में चल रहे निर्माण कार्य को भले ही कानूनी मंजूरी मिल गई हो लेकिन जगह आबंटित करने व पार्किग विकसित करने के संबंध में स्टे होने से बाजार बनने का मामला अधरझूल में लटक गया।
पर्यटन का मुख्य केन्द्र जलेब चौक शहर का मुख्य केन्द्र है। यहां से थोड़े से फासले पर ही सिटी पैलेस है। पचास मीटर के फासले पर जंतर-मंतर एवं दो सौ मीटर की दूरी पर हवामहल है। तीन प्रमुख पर्यटन स्थल होने के कारण पर्यटक जलेब चौक से गुजरते हैं।
प्याऊ लगाने वाले ने भी लिया स्टे पांच दशक पूर्व 52 कचहरी के नाम से प्रसिद्ध जलेब चौक बाजार में एसीबी, रोजगार, एसपी ऑफिस सहित कई सरकारी कार्यालय थे। वर्ष 2006 के दिसंबर तक सभी सरकारी ऑफिस यहां से शिफ्ट हो गए। इससे यहां पर तीन सौ से अधिक कमरे खाली हो गए। राज्य सरकार ने यह क्षेत्र एडीएमए के हवाले करते हुए इसे पर्यटक बाजार के रूप में विकसित करने को सौंपा था। उसके बाद जलेब चौक में टाइपिंग का कार्य करने वाले, दुकानें करने वाले, प्याऊ लगाने वाले सहित 20 लोगों ने जगह देने से इंकार करते हुए कोर्ट से स्टे ले लिया।